Fri, 09 18, 2026
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नागौर में बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता: पकी फसलें जमीन पर गिरीं, खेतों में सूखने रखी मूंग की फलियां भीगीं:

तेज बारिश से खेतों में खड़ी और कटी फसलें खराब

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नागौर। नागौर के खरनाल, भकरोद, अहमदपुरा और खींवसर क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। अचानक हुई बारिश से खेतों में खड़ी पकी फसलों के साथ कटाई के बाद खेतों में सुखाने के लिए रखी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कई किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही देर की बारिश और तेज हवा में खराब होने की कगार पर पहुंच गई।

इस खरीफ सीजन में किसान पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं। समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कई खेतों में फसलें पानी की कमी से झुलस गई थीं। इसके बावजूद किसानों ने बची हुई फसलों को संभालते हुए उन्हें पकाया और अब कटाई का काम शुरू किया था। इसी दौरान अचानक हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

मूंग की कटी फलियां भीगीं, बाजरा जमीन पर गिरा

खींवसर क्षेत्र में बारिश का सबसे ज्यादा असर मूंग और बाजरे की फसल पर बताया जा रहा है। कई किसानों ने मूंग की फसल काटकर उसकी फलियां खेत में सुखाने के लिए रखी थीं। बारिश होने से ये फलियां भीग गईं। इससे मूंग के दानों में नमी बढ़ने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।

वहीं, कई खेतों में पककर तैयार बाजरे की फसल तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को कटाई में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी है।

बारिश थमी तो फसल बचाने खेतों में पहुंचे किसान

अचानक बारिश होने से किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का मौका तक नहीं मिल पाया। बारिश थमने के बाद कई किसान खेतों में पहुंचकर भीगी फसल को संभालते और उसे सुरक्षित करने की कोशिश करते नजर आए।

किसानों का कहना है कि कटाई के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।

पहले सूखे की मार, अब बारिश बनी आफत

किसानों के सामने इस खरीफ सीजन में दोहरी मार की स्थिति बन गई है। सीजन की शुरुआत में पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसलों को पानी की कमी झेलनी पड़ी। जो फसलें किसी तरह बचीं और पककर तैयार हुईं, अब उन्हें बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।

किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य लागत पहले ही बढ़ चुकी है। ऐसे में तैयार फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान की चिंता बढ़ गई है।

सर्वे कराकर मुआवजे की मांग

बारिश से प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल खराबे का तत्काल सर्वे करवाने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटाई के बाद खेतों में रखी फसल के नुकसान को भी सर्वे में शामिल किया जाए।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से हुए नुकसान का जल्द आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

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