नागौर। नागौर के जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों ने जन्म के कुछ घंटे बाद गंभीर रूप से बीमार हुई एक नवजात बच्ची की जान बचाकर बड़ी सफलता हासिल की है। मां और बच्ची के ब्लड ग्रुप में आरएच असंगति (आरएच इनकम्पैटिबिलिटी) के कारण बच्ची का बिलीरुबिन स्तर तेजी से बढ़ गया था। ऐसे में डॉक्टरों ने एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन कर उसका पूरा खून बदल दिया। सफल उपचार के बाद बच्ची नौ दिन बाद स्वस्थ होकर घर लौट गई। कुचेरा निवासी शबाना की बेटी का जन्म नागौर के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में हुआ था। जन्म के कुछ ही घंटों बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। जांच में पता चला कि मां और बच्ची के ब्लड ग्रुप में आरएच असंगति के कारण उसे तेजी से पीलिया हो रहा था। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने तत्काल एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने का निर्णय लिया। इस जटिल प्रक्रिया में नवजात का पूरा खून बदलकर नया रक्त चढ़ाया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। इलाज के बाद बच्ची को नौ दिन तक एसएनसीयू में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में रखा गया। लगातार उपचार और जांच के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नागौर में एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन की यह चौथी सफल प्रक्रिया है। इससे पहले भी तीन नवजातों का इसी तकनीक से सफल उपचार किया जा चुका है। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती मरीज के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।जन्म के कुछ घंटे बाद हुई गंभीर
समय रहते लिया बड़ा फैसला
नौ दिन निगरानी में रखा
नागौर में चौथी सफल प्रक्रिया
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जन्म के कुछ घंटे बाद बिगड़ी नवजात की हालत, डॉक्टरों ने पूरा खून बदलकर बचाई जान:
नागौर के जेएलएन अस्पताल में जटिल एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन सफल, नौ दिन बाद स्वस्थ होकर घर लौटी बच्ची
- by रितेश पारीक
- Jul 17,2026
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