Fri, 09 18, 2026
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राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन: स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन के मुद्दे पर धरना, पुलिस से धक्का-मुक्की:

टीकाराम जूली, डोटासरा और सचिन पायलट समेत कांग्रेस नेता धरने में शामिल; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर कथित रोक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई नेता धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।

पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक निकाला पैदल मार्च

प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायक जयपुर के पोद्दार मूक-बधिर स्कूल पहुंचे। स्कूलों में मीडिया कवरेज पर रोक और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध जताते हुए टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीडिया को स्कूलों में प्रवेश से रोकना पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विधानसभा में प्रवेश की कोशिश, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

कांग्रेस विधायक विधानसभा की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए।

कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया, घनश्याम मेहर और डीडी बैरवा विधानसभा के गेट पर चढ़ गए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीनों विधायकों को टोका और नीचे उतरने के लिए कहा।

विधानसभा गेट पर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस विधायक विधानसभा गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि स्कूलों में मीडिया की मौजूदगी से व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों की वास्तविक स्थिति सामने आती है। ऐसे में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाना उचित नहीं है।

21 मिनट चली सदन की कार्यवाही

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद करीब 11:22 बजे सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट के बाहर चल रहा धरना भी समाप्त कर दिया।

BAP विधायकों ने भी किया प्रदर्शन

इधर, मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायकों ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।

शांति धारीवाल का अशोक गहलोत को लेकर बयान

कांग्रेस के पूर्व मंत्री शांति धारीवाल से पार्टी में हाईकमान को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली का हाईकमान ही हाईकमान है। वहीं राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अशोक गहलोत को राजस्थान का हाईकमान मानती है।

सरकारी मुख्य सचेतक बोले- विपक्ष सदन से गैरहाजिर

सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष बिना किसी कारण के सदन से गैरहाजिर रहा। उन्होंने दावा किया कि अगर विपक्षी विधायक समय पर सदन में आते तो उन्हें वंदे मातरम् गाना पड़ता।

विधानसभा में दो विधेयक पेश

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में गीतांजलि ग्लोबल विश्वविद्यालय जयपुर विधेयक और राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक पेश किए गए। इन पर सदन में चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया होगी।

सियासी तस्वीर: विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन और अंदर सीमित अवधि की कार्यवाही के चलते मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक रूप से काफी हलचल भरा रहा।

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