नागौर। धार्मिक उत्सव आयोजन समिति के निर्देशन में रविवार को शहर में चौथी विशाल कावड़ यात्रा निकाली गई। हर-हर महादेव के जयकारों और डीजे की धार्मिक धुनों के बीच निकली यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। शहर में जगह-जगह करीब 11 क्विंटल पुष्पों से कावड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रा की व्यवस्थाओं में विभिन्न सामाजिक संगठनों के करीब 200 कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति ने जिम्मेदारी संभाली।
सरोवर पूजन के साथ शुरू हुआ आयोजन
कावड़ यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 7:30 बजे शक्कर तालाब के किनारे सरोवर पूजन के साथ हुई। संत-महात्माओं के सानिध्य में पंडित सुनील दाधीच ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करवाई। इसके बाद शंखनाद के बीच कावड़ यात्रा को चैनार से रवाना किया गया।
21 स्वागत द्वार, जेसीबी से भी पुष्पवर्षा
यात्रा मार्ग पर सामाजिक संगठनों और व्यापारियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर जेसीबी से पुष्पवर्षा भी की गई। धार्मिक उत्सव आयोजन समिति की ओर से यात्रा मार्ग पर 21 स्वागत द्वार बनाए गए।
यात्रा विजय वल्लभ चौक, दिल्ली गेट, ए-रोड और गांधी चौक होते हुए शिवबाड़ी स्थित शानेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पुष्कर से लाए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शिव बारात से महाकाल तक, झांकियों ने मोहा मन
कावड़ यात्रा में शिव बारात, अघोरी नृत्य, महाबली हनुमान, काली माता का विकराल स्वरूप, राम दरबार और शिव परिवार की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। उज्जैन से लाई गई महाकाल की झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
कावड़ यात्रा में हुलास भाटी और तेजू भाटी ने 121 किलो की कावड़, जबकि कमल कच्छावा ने 41 किलो की कावड़ उठाई। वहीं पांच वर्षीय बालिका ने भी कावड़ उठाकर जलाभिषेक में भाग लिया।
डीजे की धुन पर थिरके शिवभक्त
यात्रा में डीजे की धार्मिक धुनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाचते-गाते शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों पर कावड़ यात्रियों के साथ श्रद्धालुओं का जनसैलाब नजर आया। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा शहर शिवमय हो गया।
शिवबाड़ी में जलाभिषेक के बाद धर्मसभा
शानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मंदिर ट्रस्ट की ओर से शिवभक्तों के लिए बैठने, ठंडी हवा और शीतल जल की व्यवस्था की गई। जलाभिषेक के लिए बेरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध किया गया। जलाभिषेक के बाद धर्मसभा और भस्म आरती का आयोजन हुआ।
स्वामी लक्ष्मी नारायण दास महाराज ने कहा कि धार्मिक आयोजन हिंदू समाज और सनातन संस्कृति को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज को संगठित और मजबूत बनाने के लिए सनातन संस्कृति के प्रवाह को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।
एकादशी को ध्यान में रखकर फलाहार की व्यवस्था
एकादशी के व्रत को देखते हुए लायंस क्लब नागौर-अहिछत्रपुर की ओर से कावड़ यात्रियों के लिए अल्पाहार और फलाहार की व्यवस्था की गई। यात्रा के आयोजन में युवा टीम चेनार, विश्व हिंदू परिषद, डी सेवन डोर फाउंडेशन, नाहर सिंह युवा सेवा समिति ताउसर, जयतु भारतम् ग्रुप, आप और हम ग्रुप सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सहयोग किया।
संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा, समाजसेवी रामेश्वर सारस्वत, विहिप जिला अध्यक्ष सूरजमल भाटी, लायंस क्लब के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, मातृशक्ति और संत-महात्मा मौजूद रहे। संयोजक लोकेश टाक ने सभी सहयोगियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन मनीष शर्मा ने किया।
