काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब चीन ने भोटेकोशी नदी में एक बार फिर बड़ी बाढ़ की चेतावनी जारी की है। चीन से मिली जानकारी के अनुसार रसुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में पानी का बहाव रुकने से वहां झील जैसी स्थिति बन गई है। यदि यह झील टूटती है तो भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आने का खतरा है।
प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी किनारे से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
बाढ़ में 359 लोगों की मौत, 1500 लापता
नेपाल पुलिस के गुरुवार शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार बुधवार की विनाशकारी बाढ़ में 359 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। सबसे अधिक 132 शव चितवन जिले में मिले हैं।
बाढ़ और भूस्खलन के बाद करीब 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वहीं 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं राहत अभियान जारी है।
पहाड़ से उतरी नदी ने मचाई तबाही
नेपाल-चीन सीमा के पास ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरने के बाद नदी का रास्ता प्रभावित हुआ। इसके कारण पानी और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले कई घर एवं अन्य संरचनाएं तबाह हो गईं।
भोटेकोशी नदी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। ल्हेंदे खोला इसी नदी की सहायक नदी है। पानी का बहाव नीचे आते समय इतना तेज था कि कई स्थानों पर करीब 30 फीट तक ऊंची लहरें उठने की सूचना सामने आई। जान बचाने के लिए लोग घरों की ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गए।
लैंडस्लाइड से आया भूकंप जैसा झटका
बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए थे। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। बाद में जांच में सामने आया कि पहाड़ का बड़ा हिस्सा ल्हेंदे खोला नदी में गिरने से यह झटका पैदा हुआ था।
USGS ने बाद में स्पष्ट किया कि करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा महसूस हुआ झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था। पहाड़ी क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद नदी में अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ गया, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
फिलहाल प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी तथा संभावित बहाव क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
