सवाई माधोपुर। डेकवा गांव में चूहों को मारने के लिए रखा जहरीला पाउडर एक कोबरा की जान पर भारी पड़ गया। शिकार की तलाश में घर में घुसे कोबरा की जीभ पर पाउडर लगने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। घर में सांप को तड़पता देख मकान मालिक ने वन विभाग को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालकर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व स्थित वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां दो दिन तक इलाज के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार किसान राधेश्याम मीणा ने घर में रखे सरसों के कट्टों के पास चूहों को मारने के लिए पाउडर डाला था। इसी दौरान शिकार की तलाश में वहां पहुंचे कोबरा की जीभ पर जहरीला पाउडर लग गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह वहीं तड़पने लगा।
जीभ बाहर निकली हुई थी
सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम के सदस्य कुलदीप मौके पर पहुंचे और कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू किया। उसे वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टर सीपी मीणा ने जांच के बाद उपचार शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार अस्पताल लाए जाने के समय कोबरा की जीभ बाहर निकली हुई थी। आशंका है कि जीभ के जरिए उसने जहरीला पाउडर निगल लिया था।
4 लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगाए
कोबरा को दो दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। इस दौरान उसे चार लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगाए गए। उपचार के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हुआ और वह पूरी तरह खतरे से बाहर आ गया। स्वस्थ होने के बाद सोमवार को कोबरा को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
डॉक्टर ने बताया कि कोबरा में न्यूरोटॉक्सिन जहर पाया जाता है। इसके काटने पर समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है।
