Fri, 09 18, 2026
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22 फीट गहरी मिट्टी में दबा मजदूर, 12 घंटे बाद निकला शव; मुआवजे की मांग पर 6 घंटे धरना:

पत्नी को संविदा पर नौकरी, 6 लाख रुपए और विधवा पेंशन मिलेगी

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सीकर। पिपराली रोड पर आदर्श हॉस्टल के पास सेफ्टी टैंक की खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने से 28 वर्षीय मजदूर सिकंदर अली की मौत के बाद रविवार को लोगों ने धरना दिया। परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने, ठेकेदार और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर लोग धरने पर बैठे। करीब छह घंटे तक चले धरने के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनने पर धरना समाप्त कर दिया गया।

हादसा शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे उद्योग नगर थाना क्षेत्र में हुआ। सीकर के इस्लामिया स्कूल के पास रहने वाला सिकंदर अली पुत्र नवाब अली आदर्श गर्ल्स हॉस्टल के लिए सेफ्टी टैंक की खुदाई का काम कर रहा था। इसी दौरान करीब 20 से 22 फीट की गहराई में अचानक मिट्टी ढह गई और वह मलबे में दब गया।

सूचना के बाद एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद देर रात डेढ़ से दो बजे के बीच सिकंदर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।

15 साल से था खुदाई का अनुभव

मृतक के भाई जाकिर ने बताया कि सिकंदर को खुदाई के काम का करीब 15 साल का अनुभव था। वह सेफ्टी टैंक की खुदाई के लिए मौके पर गया था, लेकिन अचानक मिट्टी ढहने से हादसा हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। सिकंदर के तीन बच्चे हैं और खुदाई का काम नहीं मिलने पर वह कंस्ट्रक्शन साइटों पर मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था।

इन मांगों पर बनी सहमति

धरने में शामिल उपजिला प्रमुख ताराचंद धायल ने बताया कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी। बिल्डिंग मालिक की ओर से परिवार को 6 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन दिलाने, नगर परिषद में संविदा पर नौकरी देने तथा मृतक के दो दिव्यांग बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने पर सहमति बनी।

इसके अलावा जनसहयोग से 5 लाख रुपए की सहायता और पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया गया। मांगों पर सहमति बनने के बाद करीब छह घंटे से चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। घटना को लेकर लोगों ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर भी सवाल उठाए हैं।

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