Fri, 09 18, 2026
देश

मुकेश खन्ना ने शाहरुख-अजय-टाइगर को दिए FDA नोटिस का किया समर्थन, बोले- सार्वजनिक माफी मांगें कलाकार:

केसरिया आदाब’ वाले पान मसाला विज्ञापन पर भड़के मुकेश खन्ना; बोले- युवाओं को गलत राह दिखाने वाले विज्ञापन नहीं करने चाहिए

post-img

मुंबई। ‘शक्तिमान’ और ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस का समर्थन किया है। उन्होंने तीनों कलाकारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है।

मुकेश खन्ना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि कलाकारों की समाज और युवाओं के प्रति जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उन्हें ऐसे विज्ञापनों से बचना चाहिए, जिनका युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।

‘केसरिया आदाब’ पर मुकेश खन्ना का तंज

मुकेश खन्ना ने अपने वीडियो में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार और FDA ने उन कलाकारों को नोटिस भेजा है, जो बाजार में ‘केसरिया आदाब’ करते हुए नजर आ रहे थे।

उन्होंने वीडियो के साथ लिखा कि ‘केसरिया आदाब’ शौर्य, साहस और पराक्रम का प्रतीक होना चाहिए, न कि पान मसाला या गुटखे के विज्ञापन का हिस्सा।

खन्ना ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी होती है कि जिन कलाकारों के पास समाज को सकारात्मक संदेश देने की क्षमता है, वे इस तरह के विज्ञापनों का हिस्सा क्यों बनते हैं।

बोले- कलाकार युवाओं को सुधार सकते हैं, बिगाड़ने वाले विज्ञापन क्यों?

मुकेश खन्ना ने कहा कि बड़े कलाकारों की लोकप्रियता का असर लाखों युवाओं पर पड़ता है। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कलाकारों के पास लोगों को अच्छी जिंदगी की राह दिखाने के लिए बहुत कुछ है, फिर भी यदि वे इस तरह के विज्ञापन करते हैं तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है।

‘प्रतिबंधित ब्रांड का अप्रत्यक्ष प्रचार’

मुकेश खन्ना ने आरोप लगाया कि कलाकार भले ही ‘इलायची’ जैसे उत्पाद का विज्ञापन करने की बात कहें, लेकिन उसी नाम वाले पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष प्रचार होता है। उन्होंने इसे सरोगेट विज्ञापन बताया।

उनका कहना है कि जिस ब्रांड का पान मसाला महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है, उसी ब्रांड की पहचान को दूसरे उत्पाद के माध्यम से प्रचारित करना सवाल खड़े करता है।

कलाकारों को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए: खन्ना

मुकेश खन्ना ने कहा कि यदि कलाकारों से गलत विज्ञापन हुआ है तो उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से लोगों को सही संदेश देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कलाकारों को यह बताना चाहिए कि जिस चीज का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, उसका प्रचार नहीं किया जाना चाहिए।

शाहरुख, अजय और टाइगर को FDA का नोटिस

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार FDA ने 11 अगस्त को तीनों कलाकारों को नोटिस भेजकर विज्ञापन में उनकी भूमिका पर 15 दिन के भीतर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है।

नोटिस में FDA ने क्या कहा?

FDA के अनुसार विज्ञापन में ‘विमल’ नाम, उत्पाद और संवाद का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि इससे ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार होता दिखाई देता है। चूंकि इसी ब्रांड का संबंध पान मसाला उत्पाद से भी है, इसलिए विभाग ने अप्रत्यक्ष प्रचार को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध

महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर वर्ष 2012 से प्रतिबंध लागू है। यह प्रतिबंध समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। मौजूदा प्रतिबंध भी 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए बढ़ाया गया है।

इसके तहत पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक है।

गुटखा नेटवर्क पर MCOCA के तहत कार्रवाई की तैयारी

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग का फोकस प्रतिबंधित तंबाकू और गुटखा कारोबार से जुड़े संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर है।

क्या होता है सरोगेट विज्ञापन?

सरोगेट विज्ञापन में किसी ऐसे उत्पाद का सीधे विज्ञापन नहीं किया जाता, जिस पर प्रतिबंध या पाबंदी हो। इसके बजाय उसी ब्रांड नाम से जुड़े किसी दूसरे उत्पाद का प्रचार किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर पान मसाला ब्रांड के नाम से इलायची या किसी अन्य उत्पाद का विज्ञापन करना। महाराष्ट्र FDA का कहना है कि राज्य में पान मसाला पर प्रतिबंध होने के कारण ऐसे अप्रत्यक्ष प्रचार पर भी सवाल उठता है।

मुकेश खन्ना पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

मुकेश खन्ना इससे पहले राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर भी अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं। हालिया बयान में उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर अपनी पुरानी मांग दोहराई और ‘जन गण मन’ पर सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई साल पहले भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी और ‘वंदे मातरम्’ को अधिक महत्व देने की बात कही थी।

Related Post