हरारे। ट्रेविस हेड के तूफानी शतक और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे को दूसरे वनडे में 84 रन से हरा दिया। हरारे में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 356 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर सिमट गई।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
हेड का रिकॉर्डतोड़ शतक
ट्रेविस हेड ने 84 गेंदों पर 112 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने महज 75 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह जिम्बाब्वे के खिलाफ किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक है। हेड का यह वनडे करियर का आठवां शतक भी है।
हेड ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
हेड-मार्श ने जोड़े 130 रन
ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने पहले विकेट के लिए 130 रन की साझेदारी की। मार्श ने 52 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद वेलिंगटन मसाकाद्जा की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 53 रन बनाए।
मार्श के आउट होने के बाद भी हेड ने रन बनाने की रफ्तार बरकरार रखी। 75 गेंदों में शतक पूरा करने के बाद वह 112 रन बनाकर वेस्ली मधेवेरे का शिकार बने।
कॉनॉली की लगातार तीसरी फिफ्टी
हेड के आउट होने के बाद कूपर कॉनॉली ने ऑस्ट्रेलियाई पारी को गति दी। उन्होंने 78 रन की पारी खेली। यह वनडे में उनका लगातार तीसरा 50+ स्कोर रहा।
एलेक्स कैरी ने 20 रन बनाए, जबकि पारी के अंतिम ओवरों में ओली पीक ने तूफानी बल्लेबाजी की। पीक ने सिर्फ 18 गेंदों में 41 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल रहे।
ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी 10 ओवर में 101 रन बटोरे और स्कोर को 356/6 तक पहुंचा दिया। यह जिम्बाब्वे के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का वनडे में सबसे बड़ा स्कोर रहा।
जिम्बाब्वे की शुरुआत धीमी
357 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत धीमी रही। टीम ने पहले 10 ओवर में सिर्फ 41 रन बनाए। ब्रायन बेनेट 23 और बेन करन 30 रन बनाकर आउट हुए।
16वें ओवर में जिम्बाब्वे का स्कोर 60/2 था। इसके बाद इनोसेंट काइया और ब्रेंडन टेलर ने तीसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की।
जम्पा के 200 वनडे विकेट पूरे
ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर एडम जम्पा ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे कर लिए। उन्होंने इनोसेंट काइया को बोल्ड कर यह उपलब्धि हासिल की। इसके बाद उन्होंने क्रेग एर्विन को 38 रन के स्कोर पर आउट किया।
जिम्बाब्वे की ओर से सिकंदर रजा ने सर्वाधिक 45 रन बनाए। ब्रेंडन टेलर ने 39 और एर्विन ने 38 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम को लंबी साझेदारी नहीं मिल सकी।
हेजलवुड की वापसी में दो विकेट
पहले वनडे से बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले जोश हेजलवुड ने 9 ओवर में 48 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने वेस्ली मधेवेरे और न्यूमैन न्यामहुरी को पवेलियन भेजा।
मैट रेनशॉ ने भी दो विकेट लिए, जबकि पारी के अंतिम हिस्से में कूपर कॉनॉली ने दो विकेट लेकर जिम्बाब्वे की पारी 272 रन पर समेट दी।
स्टेनलेक की चोट ने बढ़ाई चिंता
ऑस्ट्रेलिया की जीत के बीच टीम के लिए बिली स्टेनलेक की चोट चिंता का विषय रही। वह अपना पांचवां ओवर पूरा नहीं कर सके और साइड पकड़कर मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को गेंदबाजी में अतिरिक्त विकल्पों का इस्तेमाल करना पड़ा।
अब सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे ऑस्ट्रेलिया के लिए सीरीज में क्लीन स्वीप करने का मौका होगा, जबकि जिम्बाब्वे की नजर आखिरी मुकाबले में जीत के साथ सीरीज का समापन करने पर होगी।
