Fri, 09 18, 2026
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रायसिंहनगर से विदेश भेजे 815 करोड़ रुपए, फर्जी कंपनियों के जरिए भारत वापस लाने की थी तैयारी:

न डॉक्यूमेंट्स देखे न वेरीफाई किया

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श्रीगंगानगर। रायसिंहनगर से करीब 815 करोड़ रुपए विदेश भेजे जाने के मामले में आयकर विभाग की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आयकर विभाग के अनुसार, यह रकम हांगकांग भेजी गई थी और इसके बाद फर्जी कंपनियों के माध्यम से रकम को वापस भारत लाने की योजना थी।

जांच में सामने आया कि एक कंपनी के खाते से ही करीब 990 ट्रांजैक्शन के जरिए 610 करोड़ रुपए से अधिक विदेश ट्रांसफर किए गए। मामले में सीए शेरिल गुप्ता ने इन लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच किए बिना ही 15CB सर्टिफिकेट जारी कर दिए। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विदेश भेजी गई कुल 815 करोड़ रुपए की रकम पर करीब 163 करोड़ रुपए का टैक्स बनता था।

न दस्तावेज देखे, न किया वेरिफिकेशन

आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान सीए शेरिल गुप्ता ने स्वीकार किया कि संबंधित खातों, समझौतों और अन्य दस्तावेजों को उन्होंने स्वयं न तो देखा और न ही उनका सत्यापन किया।

जांच में यह भी सामने आया कि कई लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था अथवा उनके द्वारा घोषित कारोबार काफी कम था। इसके बावजूद उनके नाम पर बड़ी रकम विदेश भेजी गई। विभाग को इस पूरी प्रक्रिया में कुछ शेल कंपनियों के इस्तेमाल की भी आशंका है।

1674 फॉर्म-15CB जारी करने का खुलासा

आयकर विभाग की टीम ने 18 अगस्त को रायसिंहनगर स्थित सीए शेरिल गुप्ता के कार्यालय में सर्च की कार्रवाई की थी। जांच के दौरान सामने आया कि सीए की ओर से कुल 1674 फॉर्म-15CB सर्टिफिकेट जारी किए गए थे। विभाग अब इन प्रमाणपत्रों और उनसे जुड़े लेन-देन की जांच कर रहा है।

सिंडिकेट की भूमिका भी जांच के घेरे में

आयकर विभाग के उपनिदेशक (अन्वेषण) कन्हैयालाल मीणा की शिकायत पर रायसिंहनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में अन्य मध्यस्थों और संभावित सिंडिकेट की भूमिका की भी जांच की बात कही गई है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पुलिस से प्रकरण से संबंधित फाइल मांगी है। वहीं श्रीगंगानगर में एक बड़े हवाला कारोबारी की भूमिका भी आयकर विभाग की जांच के दायरे में बताई जा रही है।

15CB के जरिए विदेश भेजी जाती है रकम

आयकर विभाग के नियमों के तहत विदेश में कर योग्य भुगतान से जुड़े मामलों में निर्धारित परिस्थितियों में फॉर्म-15CB महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट भुगतान की प्रकृति, उद्देश्य, लागू टीडीएस दर और कर देयता से संबंधित जानकारी का परीक्षण कर प्रमाणित करता है।

जांच एजेंसी के अनुसार, बड़े पैमाने पर बिना उचित दस्तावेजों और सत्यापन के ऐसे प्रमाणपत्र जारी किए जाने से विदेश में रकम भेजने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की आशंका पैदा हुई है। अब जांच एजेंसियां विदेश भेजी गई रकम, संबंधित कंपनियों, बैंक खातों, मध्यस्थों और संभावित सिंडिकेट के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

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