Sat, 09 19, 2026
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बारां में 5 दिन में दो सगी बहनों की मौत, बुखार के बाद बिगड़ी तबीयत से मचा हड़कंप:

12 वर्षीय इशिका के बाद साढ़े 3 साल की अदिति ने भी तोड़ा दम; परिवार का आरोप- इलाज में लापरवाही से गई बड़ी बेटी की जान, स्वास्थ्य विभाग ने मांगी मेडिकल रिपोर्ट

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बारां। शहर के झालावाड़ रोड स्थित तेल फैक्ट्री क्षेत्र के तेजाजी चबूतरा इलाके में बुखार के बाद एक ही परिवार की दो सगी बहनों की पांच दिन के भीतर मौत से हड़कंप मच गया है। दोनों बच्चियों की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में कई अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।

तेल फैक्ट्री क्षेत्र निवासी मजदूर धनराज सुमन की 12 वर्षीय बेटी इशिका की 2 सितंबर को मौत हुई थी। इसके पांच दिन बाद सोमवार, 7 सितंबर को उसकी साढ़े तीन वर्षीय छोटी बहन अदिति ने भी दम तोड़ दिया।

बड़ी बहन के बाद छोटी बहन भी गंभीर

परिजनों के अनुसार इशिका को 25 अगस्त को बुखार आया था। 26 और 27 अगस्त को बारां में उसका इलाज कराया गया। हालत बिगड़ने पर 28 अगस्त को उसे कोटा के जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसे कोटा के मैत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 2 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

इशिका की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसी बीच छोटी बहन अदिति की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे 30 अगस्त को कोटा के मैत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर वह कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रही। सोमवार को उसे जयपुर रेफर किया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

सीवियर निमोनिया की बात सामने आई

परिजनों के अनुसार कोटा के निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने दोनों बच्चियों में सीवियर निमोनिया बताया था। डॉक्टरों के मुताबिक उनके फेफड़े बेहद कम काम कर रहे थे। परिवार का कहना है कि अदिति की डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और कोविड समेत अन्य जांचें निगेटिव आई थीं।

हालांकि दोनों बच्चियों की मौत का वास्तविक कारण मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

CMHO बोले- रिपोर्ट के बाद पता चलेगा वास्तविक कारण

मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि कोटा के निजी अस्पताल से दोनों बच्चियों की पूरी मेडिकल डिटेल मंगवाई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

खाली भूखंडों में भरा है बरसाती पानी

स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बुखार के प्रकोप को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेजाजी चबूतरा क्षेत्र में कई खाली भूखंडों में बरसाती पानी जमा है। इससे मच्छरों के पनपने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की ओर से अब तक क्षेत्र में फॉगिंग नहीं कराई गई है।

दो बच्चियों की मौत के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है और क्षेत्र में सफाई, जलभराव की निकासी तथा फॉगिंग की मांग उठ रही है।

चार भाई-बहनों में तीसरे और सबसे छोटी थीं

धनराज सुमन की चार संतानों में सबसे बड़ा बेटा शुभम (19) है। इसके बाद 16 वर्षीय बेटी, तीसरे नंबर पर इशिका और सबसे छोटी साढ़े तीन साल की अदिति थी। इशिका कक्षा छह में पढ़ती थी, जबकि अदिति अभी स्कूल नहीं जाती थी। सबसे छोटी होने के कारण अदिति पिता की लाडली थी।

पिता का आरोप- इलाज में लापरवाही से गई बेटी की जान

मजदूरी कर परिवार चलाने वाले धनराज सुमन ने कोटा के सरकारी जेके लोन अस्पताल में बड़ी बेटी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी अस्पताल में लगातार बेहतर इलाज कराना मुश्किल था। बेटियों के इलाज के लिए परिवार ने दोस्तों और परिचितों से उधार तक लिया और करीब 3.5 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन दोनों बेटियों को नहीं बचाया जा सका।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों बच्चियों की मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था और क्या इलाके में फैल रहे बुखार से इसका कोई संबंध है।

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