नागौर। नागौर में मंगलवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में कोर्ट जा रहे 55 वर्षीय अधिवक्ता की निजी स्लीपर बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि अधिवक्ता की साइकिल पूरी तरह चकनाचूर हो गई। टक्कर के बाद अनियंत्रित हुई बस सड़क किनारे फुटपाथ की रेलिंग तोड़ते हुए आगे चल रही क्रेन से जा भिड़ी। हादसे में बस चालक और खलासी घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्री सुरक्षित रहे।
हादसा सुबह करीब 9 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के डेह रोड पर हुआ।
साइकिल लेकर कोर्ट जा रहे थे अधिवक्ता
जानकारी के अनुसार अमरपुरा निवासी अधिवक्ता धनाराम (55) रोजाना की तरह मंगलवार को साइकिल लेकर नागौर पहुंचे थे। साइकिल रोडवेज बस स्टैंड के आसपास खड़ी करने के बाद वह करीब तीन किलोमीटर पैदल कोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जोधपुर-दिल्ली रूट पर चलने वाली निजी स्लीपर बस ने पीछे से उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि धनाराम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
रेलिंग तोड़कर क्रेन से टकराई बस
अधिवक्ता को टक्कर मारने के बाद बस चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस अनियंत्रित होकर फुटपाथ की रेलिंग तोड़ते हुए आगे चल रही क्रेन से जा भिड़ी। टक्कर से बस और क्रेन के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। क्रेन चालक ने चलती क्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बस चालक और खलासी को बाहर निकाला। दोनों को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
बस में सवार यात्री रहे सुरक्षित
बताया गया कि बस दिल्ली से जोधपुर की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में यात्री सवार थे, लेकिन किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया। मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना पर नागौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अधिवक्ता धनाराम के शव को कब्जे में लेकर जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया।
नागौर कोतवाल नंदलाल ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
रोज 3 किमी पैदल चलकर पहुंचते थे कोर्ट
परिजनों और परिचितों के अनुसार धनाराम अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग थे। वह रोजाना गांव से साइकिल लेकर नागौर आते और साइकिल खड़ी करने के बाद करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर कोर्ट पहुंचते थे। मंगलवार को भी उनकी यही रोजाना की दिनचर्या थी, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उनकी जान ले ली।
फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे फुटपाथ की स्थिति और अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि फुटपाथ पर जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने और पैदल राहगीरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।
