Sat, 09 19, 2026
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अंता SDM पर 5.50 लाख रुपए रिश्वत मांगने का केस दर्ज:

प्लानिंग की जमीन की आपत्ति और एग्रीमेंट पर लगा स्टे हटाने के बदले मांगी थी रकम, ट्रैप की भनक लगने पर नहीं लिए रुपए

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बारां/अंता। बारां जिले के अंता उपखंड अधिकारी (SDM) हवाई सिंह यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि SDM ने एक प्रॉपर्टी डीलर से दो प्लानिंग की जमीनों से जुड़ा काम करने के बदले कुल 5.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान एक जमीन के एग्रीमेंट पर लगे स्टे को हटाने के बदले रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने रिश्वत लेते हुए ट्रैप करने की योजना बनाई, लेकिन कार्रवाई से पहले ही इसकी भनक एसडीएम को लग गई और उसने कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेने से इनकार कर दिया।

रिश्वत की मांग का सत्यापन होने के आधार पर एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एसीबी बारां के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही है।

दो जमीनों के काम के बदले मांगी रकम

शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी डीलर के अनुसार, पहली प्लानिंग की जमीन पर पूर्व एसडीएम की ओर से लगाई गई आपत्ति हटाने के बदले 5 लाख रुपए की मांग की गई थी। वहीं दूसरी प्लानिंग की जमीन के एग्रीमेंट पर लगे स्टे को हटाने के लिए 50 हजार रुपए मांगे गए थे।

शिकायत के बाद एसीबी ने बातचीत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान दूसरी जमीन के एग्रीमेंट पर लगे स्टे को हटाने के बदले 50 हजार रुपए की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।

50 हजार से 45 हजार रुपए पर हुआ था सौदा

शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर रकम कम करने का आग्रह किया। इसके बाद 50 हजार रुपए की जगह 45 हजार रुपए लेने पर सहमति बनने की बात सामने आई। आरोप है कि एसडीएम ने यह रकम किसी कथित बिचौलिए को देने के लिए कहा।

इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की। हालांकि, कार्रवाई से पहले ही एसडीएम को एसीबी की योजना की भनक लग गई। इसके चलते रिश्वत की रकम नहीं ली जा सकी और ट्रैप की कार्रवाई सफल नहीं हो पाई।

रिश्वत लेते नहीं पकड़े गए, मांग की पुष्टि पर केस

इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि एसडीएम को रिश्वत लेते हुए मौके पर गिरफ्तार नहीं किया गया। एसीबी के अनुसार, शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

मामले में आगे की जांच के दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित तथ्यों, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

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