Wed, 07 22, 2026
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रिंग रोड पर पिछले सात दिन में ही एक दर्जन से अधिक लूट व डकैती की घटना:

डकैती की घटना का खुलासा जेल से छूटते ही मुख्य सरगना फिर करने लगा अपराध राजधानी इलाके में राहगीरों से डकैती करने वाले पांच डकैत गिरफ्तार

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डकैती की घटना का खुलासा: जेल से छूटते ही मुख्य सरगना फिर करने लगा अपराध

राजधानी इलाके में राहगीरों से डकैती करने वाले पांच डकैत गिरफ्तार

जयपुर। पुलिस ने राजधानी इलाके में राहगीरों को रास्ते में रोककर मारपीट कर डकैती करने वाले पांच शातिर डकैतों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इसमें दिलचस्प यह है कि डकैतों की गैंग का सरगना आदतन बदमाश है और काफी समय जेल में भी रहा है लेकिन जैसे ही जेल से छूटा तो उसने फिर से डकैती का खेल शुरू कर दिया। बाकायदा यह सरगना उसकी गैंग में नए नए लडक़ों को भर्ती करता रहा। इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी साउथ योगेश गोयल ने बताया कि इस मामले का मुख्य आरोपी संजय मीणा लालसोट, दौसा, डिगी-मालपुरा स्टेट हाइवे पर लूट व डकैतीकी वारदातें कर चुका है। वह अभी हाल ही दो माह पूर्व ही जेल से बाहर आया था। उन्होंने बताया कि टोंक जिले के चबराना हाल शिवाड बिंदायका निवासी गोपाल भारती व विष्णु भारती, संजय मीणा निवासी मलारना डूंगर-सवाई माधोपुर हाल किराएदार एमएस पैराडाइज गार्डन निमेड़ा-बिंदायका, गोपाल गुर्जर निवासी दूदू हाल डागरों की ढ़ाणी नेवटा और मनोज स्वामी निवासी बालापुरा थाना पचेवर टोंक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मनोजपुरी के विरुद्ध चोरी व गोपाल गुर्जर के विरूद्ध इससे पहले भी मारपीट के कई मामले दर्ज है।

 

‘तीसरी आंख’ से मिली पुलिस को जानकारी:

लगातार हो रही वारदातों के कारण पुलिस भी आरोपियों की तलाश में थी लेकिन कोई पुख्ता सुराग नहीं लग पा रहा था। इस पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। डीसीपी गोयल के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल, हाईवे, महापुरा आदि इलाके में करीब दौ सौ से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले। उन्होंने बताया कि इसके बाद हुलिए के आधार पर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर डकैतों की पहचान की गई जिसके बाद जानकारी में आया कि आरोपी गैँग बनाकर रिंग रोड के आसपास सुनसान ठिकानों पर घात लगाकर छिपे रहते है। वहीं राहगीरों के आगे बाइक लगाकर रोककर राहगीरों से मारपीट करते है और लूट की वारदात को अंजाम देते है।

 

अब तक कर चुके दर्जनों वारदात:

आरोपियों से पुलिस ने कई राज उगलवाए है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई सालों से डकैती की वारदात को अंजाम दे रहे थे मगर पुलिस गिर$फ्त में आने से लगातार बचते रहे। आरोपी सुनसान जगह देखकर वाहन के आगे बाइक लगाकर पहले रोकते और वाहन चालक कुछ माजरा समझ पाते, उससे पहले ही उस पर टूट पड़ते। वाहन चालक या राहगीर को लात-घूंसों, डंडों से मारपीट के बाद उससे नकदी, जेवरात आदि लूटकर फरार हो जाते। इन डकैतों का अधिकांश शिकार कार चालक या मोटर साइकिल सवार हुए है। काबिले गौर है कि पिछले सात दिन में ही एक दर्जन से अधिक लूट व डकैती की घटना रिंग रोड पर हुई है।

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