Wed, 07 22, 2026
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टाइटन सबमरीन अरबपतियों के लिए ट्रैप थी:

टाइटन सबमरीन अरबपतियों के लिए ट्रैप थी:कंपनी CEO के दोस्त का दावा- उन्हें पता था ट्रिप खतरनाक है, फिर भी जान जोखिम में डाली

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अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक शिप के मलबे को देखने गई टाइटन सबमरीन हादसे का शिकार होकर पानी में डूब गई थी। हादसे में सबमरीन में सवार पांच अरबपतियों की मौत हो गई थी। इसमें टाइटन सबमरीन बनाने वाली कंपनी ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश भी शामिल थे।

हादसे के लगभग एक महीने बाद रश के करीबी दोस्त कार्ल स्टेनली ने उनको लेकर कई दावे किए हैं। स्टेनली ने कहा है कि टाइटन सबमरीन अरबपतियों के लिए बनाया गया एक माउस ट्रैप था। रश को पता था कि लोगों को टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली ट्रिप एक दिन खतरनाक साबित हो सकती है। इसके बावजूद उन्होंने सबमरीन बनाने का काम जारी रखा।

तस्वीर ओशेनगेट कंपनी के CEO स्टॉकटन रश के दोस्त कार्ल स्टेनली की है।

फेमस होने के लिए स्टॉकटन ने लोग की जान खतरे में डाली
स्काई न्यूज के मुताबिक कार्ल स्टेनली ने मीडिया हाउस 60 मिनट्स ऑस्ट्रेलिया को ओशेनगेट कंपनी के CEO से जुड़ी जानकारी दी है। इंटरव्यू में स्टेनली ने बताया कि उन्होंने रश को टाइटन के ढांचे को लेकर चेताया था। उन्होंने बताया कि टाइटन के ढांचे को एयरोस्पेस ग्रेड कार्बन फाइबर से बनाया गया था जबकि सबमरीन में आमतौर पर स्टील या टाइटेनियम जैसे मैटल का यूज होता है।

स्टेनली ने आरोप लगाया कि स्टॉकटन ने टाइटन के रूप में अरबपतियों को फंसाने का एक ट्रैप डिजाइन किया था। उन्होंने कहा कि वह पहचान हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार था। भले ही इसके लिए उसे लोगों की जान जोखिम में क्यों न डालनी पड़े।

सबमरीन में गन शॉट जैसी आवाजें सुनाई देती थी
स्टेनली ने इंटरव्यू में बताया कि वो 2019 में टेस्ट के दौरान टाइटन की सवारी करने वाले पहले यात्रियों में से एक थे। यात्रा का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया- समुद्र की गहराई में जाना वाकई जोखिम भरा काम है।

जब मैं वहां गया था तो हर तीन-चार मिनट में गोली चलने जैसे आवाजें सुनाई दे रही थीं। समुद्र के नीचे इस तरह की आवाजें सुनकर डर लगा जाहिर सी बात है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि कार्बन के फाइबर से बनी ट्यूब के फेल होने से ही हादसा हुआ।

तस्वीर टाइटन सबमरीन के मलबे की है जो 28 जून को बरामद किया गया था।

पनडुब्बी से जुड़े खतरों की जानकारी देने वाले को कंपनी ने निकाला था
टाइटन सबमरीन को लेकर सिर्फ कार्ल स्टेनली ही नहीं बल्कि कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी ने भी सवाल उठाए थे।​​​​​​​ CBS की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में कंपनी ने एक कर्मचारी को निकाल दिया था। इसकी वजह ये थी कि उसने पनडुब्बी से जुड़े खतरों की शिकायत प्रशासन को कर दी थी। उस पर जुर्माना भी लगाया गया था।

15 अगस्त 2018 को उसने कोर्ट में एक केस दर्ज किया था। इसमें कहा था कि पनडुब्बी 1300 मीटर की गहराई के दाब का झेलने के लिए बनी है, जबकि ओशन गेट उसे 4000 मीटर यानी 13,123 हजार फीट तक की गहराई में भेज रहा है। टाइटैनिक के मलबे के पास जहां पनडुब्बी का मलबा मिला है वो जगह बेहद खतरनाक मानी जाती है।

उसे मिडनाइट जोन कहा जाता है क्योंकि वहां अंधेरा रहता है। मिडनाइट जोन में सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पाती और वहां कंपा देने वाली ठंड होती है। पानी के तेज बहाव के कारण यहां खतरनाक करंट भी बनता है। हालांकि 2021 से 2022 के बीच 46 लोग टाइटन पनडुब्बी में बैठकर टाइटेनिक का मलबा देखकर आ चुके हैं।

समुद्र में 12000 फीट नीचे गई थी सबमरीन
टाइटैनिक जहाज के मलबे को दिखाने गई टाइटन सबमरीन का मलबा अब बरामद किया जा चुका है। इसमें मानव अवशेष बरामद किए गए थे। 18 जून को यह सबमरीन अटलांटिक महासागर में 12000 हजार फीट नीचे गई थी और उसके बाद लापता हो गई थी। चार दिन 22 जून को इसका मलबा टाइटैनिक जहाज से 1600 मीटर दूर मिला था।

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