आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्व में निर्वाचन विभाग की ओर से 23 नबम्बर की मतदान तिथि घोषित की गई थी, इस दिन देवोत्थान एकादशी पर होने वाले शादी विवाह समारोह को लेकर इसकी तिथि बदलकर 25 नवम्बर कर दी गई। जिससे मतदान प्रतिशत कम नही हो। लेकिन, इस दौरान चुनाव कार्य में वाहनों की अत्यधिक आवश्यकता के चलते शादी समारोह करने वाले लोगों को वाहनो के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है। जिले में आगामी 25 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव में करीब 1500 वाहनों की आवश्यकता रहेगी। जिसमें करीब 1150 वाहन निर्वाचन विभाग को तथा 350 वाहनों की पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे।
अधिग्रहण का शुरू
निर्वाचन विभाग ने 9 नवम्बर को प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तिथि घोषित करने के बाद से ही जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय ने वाहनों के अधिग्रहण के पत्र सौंपने का कार्य शुरू कर दिया था। परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर मदन लाल रेगर ने बताया कि अब तक करीब 450 से अधिक वाहनो को अधिग्रहण पत्र सौंपे जा चुके हैं। इनमें छोटी गाडिय़ां 120,छोटी बसे 180, तथा 150 बड़े वाहनों के मलिकों को अधिग्रहण पत्र सौंपे गए हैं। अधिग्रहण की कार्रवाई लगातार जारी है।
उधर भी तथा इधर भी जरूरत
आगामी विधानसभा चुनावों में वाहनों की तो जरूरत होगी ही वही देवोत्थान एकादशी पर अधिक सावे होने के चलते शादी समारोह के लिए भी बसो व छोटे वाहनो की जरुरत पड़ेगी ऐसे में वाहनों का किराया भी दुगना होने की संभावना बनी हुई है। कई लोगों ने तो अभी से बुकिंग करवानी शुरु कर दी है।
सामान्य यात्रियो को भी परेशानी
आगामी विधानसभा चुनावों में प्राइवेट वाहनों के साथ ही रोडवेज की 50 बसों के लिए भी निर्वाचन विभाग ने पत्र जारी किया है। जो कि 23 नवम्बर को उपलब्ध करवानी होगी। रोडवेज डिपो के पास ही कुल 61 बसें हैं, ऐसे में विभिन्न मार्गों पर संचालित रोडवेज बसों के यात्रियो को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। विभाग के निरीक्षक ने बताया कि यदि वाहनो की कमी पड़ती है तो कोटा से वाहन मंगवाएं जाएंगे। निकटवर्ती मध्यप्रदेश से आने वाले वाहनो का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। जिसमें शिवपुरी व
