Wed, 07 22, 2026
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कर्मचारियों के नहीं चलेगें बहाने, करनी पड़ेगी चुनावों में ड्यूटी:

छुट्टी लेने के लिए देना होगा प्रमाण-पत्र

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विधानसभा की रणभेरी बज चुकी है। चुनावी इंतजामों के मद्देनजर अलवर जिले के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाने की तैयारियां चल रही हैं। चुनाव में 2700 अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसे में चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कई अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी लेने के फिराक में हैं, लेकिन चुनाव विभाग की ओर से साफ कर दिया गया है कि बहाने बनाने वाले किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी।
ड्यूटी कटवाने के लिए कार्यालयों के लगा रहे चक्कर
जिले में चुनावी ड्यूटी से मुक्ति पाने के लिए कई अधिकारी और कर्मचारी विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इसमें विभाग के पास आने वाले फरियादियों में से कुछ तो जायज छुट्टी पाने के हकदार हैं और बहुत से ऐसे भी कर्मचारी हैं जो केवल बहाने बनाकर छुट्टी लेना चाहते है, लेकिन विभाग के पास आने वाले आवेदनों की संख्या अभी निश्चित नहीं है। क्योंकि सभी विभागों में किसी ने किसी कर्मचारी को छुट्टी की आवश्यकता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छुट्टी केवल उन्हीं कर्मचारियों को दी जाएगी, जो नियमानुसार प्रमाणित होंगे। अन्य सभी कर्मचारी चुनाव में ड्यूटी रहेगी।
 विभागाध्यक्षों से मांगी थी सूची
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कनिष्क कटारिया ने बताया कि चुनाव में ड्यूटी लगाने से पूर्व सभी विभागों के अध्यक्षों से चुनावी ड्यूटी हटवाने के लिए सूचना मांगी गई। इसमें से जिस कर्मचारी और अधिकारी को छुट्टी की आवश्यकता है उसको मार्क कर दिया गया है। उसकी नियमानुसार जांच कार्रवाई कर छुट्टी दी जाएगी।
सिर्फ इन्हें मिल सकती है राहत
जिले में चुनावी ड्यूटी के दौरान भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, लेकिन विभाग की ओर से गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी, जिन्हें मेडिकल टीम ने अनफिट माना है, दिव्यांग कर्मचारी जो चुनाव ड्यूटी में सक्षम नहीं है, गर्भवती महिला, 60 साल से अधिक उम्र के संविदा कर्मचारी या फिर अति आवश्यक कार्य वाले कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

 

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