Thu, 07 23, 2026
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मृत व्यक्तियों के नाम से ऋण लेने के मामले में कांग्रेस के प्रदेश सचिव की सजा बरकरार, अपील खारिज:

12 साल पुराना हैं प्रकरण

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जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने 12 वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मामले में अपील खारिज करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव संदीप पुरोहित की तीन साल की सजा बरकरार रखी हैं। जिला सेशन न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि अभियुक्त 4 नवंबर तक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में आत्म समर्पण करे। आदेश की पालना नहीं करने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
प्रकरण के अनुसार संदीप पुरोहित ने इंद्रा मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से मृत व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर कृषि ऋण उठा लिया था। बैंक का 63 लाख का कृषि ऋण का बकाया चल रहा है। बैंक प्रबंधक ने इस मामले में कोतवाली में वर्ष 2011 में पुरोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस ने अनु़संधान के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था। जिस पर सुनवाई के बाद 3 सितंबर 2022 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कूटरचित दस्तावेज पेश करने के आरोप में पुरोहित को तीन वर्ष के कारवास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दण्डित किया था। पुरोहित ने इसके खिलाफ जिला एवं सेशन न्यायालय में अपील पेश की थी। प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक योगेश यादव ने पैरवी की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीएल प्रेमी ने बताया कि संदीप पुरोहित वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस में सचिव पद पर है। पुरोहित पूर्व में बूंदी विधानसभा सीट पर निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुके है।

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