Wed, 07 22, 2026
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पुलिस थाना में लंबे समय से स्वीकृत स्टाफ नही होने से चौपट हो रही है कानून व्यवस्था:

बढ़ते अपराधों पर लगाम के लिए पर्याप्त पुलिस जाप्ते की जरूरत

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देवली शहर के पुलिस थाना में लंबे समय से स्वीकृत नफरी की जगह स्टाफ कटौती हो रही है। देवली थाना एवं पनवाड़ व बीसलपुर पुलिस चौकी में स्वीकृत नफरी के आधे पद रिक्त ही गए है। बढ़ते अपराधों पर लगाम के लिए पर्याप्त पुलिस जाप्ते की जरूरत है, लेकिन यहां सर्वाधिक तामिले एवं स्थायी वारंट की संख्या ज्यादा होने व नफरी की कमी से गश्त भी होमगाड्र्स के सहयोग से की जा रही है। थाने पर स्वीकृत 40 में से करीब आधे पद रिक्त है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराध रोकने के प्रति पूरा स्टाफ कब लगेगा। जबकि पोक्सो,स्थायी वारंटी समेत कई कार्यों में जाप्ते की जरुरत हमेशा रहती है।

अपराध बेलगाम बढऩे लगे 

देवली थाना के अलावा दो पुलिस चौकी पनवाड़ एवं बीसलपुर स्थापित है। थाना क्षेत्र दो जिलों की सीमाओं से जुड़ा है। यहां उपखंड मुख्यालय होने से ब्लॉक स्तरीय विभिन्न विभागों के कार्यालय, सीआइएसएफ, बीसलपुर बांध एवं हाइवे क्षेत्र होने से बड़े अधिकारी एवं वीआईपी का आवागमन से पुलिस सुरक्षा की मांग हमेशा रहती है, लेकिन लंबे समय से यहां स्वीकृत नफरी में लगातार कमी की जा रही है। इससे अपराध बेलगाम बढऩे लगे है। केकड़ी जिला बनने पर चार कांस्टेबल स्थानांतरित हो चुके हैं। इससे थाने पर करीब आधे पद रिक्त हो चुके है।

तामीलों के लिए स्टाफ नहीं

थाने में पोक्सो एक्ट, एससी-एसटी अपराध एवं अन्य राज्यों की तामीले आती है। साथ ही न्यायालय के स्थायी वारंट पर भी नफरी की कमी से समय पर कार्य नहीं हो पा रहे है। इससे लगातार कार्य का बोझ शेष स्टाफ पर बढऩे से ना अपराध पर लगाम लग पा रहा है और न वारंटियों के खिलाफ तामीलों का काम समय पर पूरा हो रहा है। अगर कोई थाने का स्टाफ अवकाश या तामील में जाता है तो अन्य काम ठप हो जाते है।

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