Wed, 07 22, 2026
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आचार संहिता...प्रशासन व्यस्त, क्षेत्र में बजरी माफिया बेखौफ:

जैतारण क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा बजरी का अवैध खनन

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता क्या लगी, जैतारण क्षेत्र में तो बजरी कारोबारी ही सक्रिय हो गए। रात के अंधेरे में ही नहीं, खुलेआम दिन में भी बजरी का अवैध खनन किया जा रहा है। बजरी कारोबारी बेखौफ नदी, नालों व पहाड़ी इलाके में बजरी का अवैध खनन कर रहे हैं। बाजवूद इसके कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आचार संहिता प्रभावी होते ही प्रशासन का ध्यान तो चुनावी प्रक्रिया में चला गया है। इससे बजरी कारोबारी बेखौफ हो गए हैं। जैतारण क्षेत्र के बांझाकुडी, फूलमाल, आसरलाई, मोहराई, बिरोल, निम्बोल सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के निकट नदियों में बजरी का अवैध खनन जारी है। नदियों में बड़े गड्ढे खोदकर मशीनों की सहायता से खनन किया जा रहा है।
बदमाशों का अलग ही निगरानी तंत्र
अवैध कारोबार में लिप्त लोगों का अलग ही निगरानी तंत्र है। कुछ लोग पहाड़ी क्षेत्र में आने वाले रास्ते पर निगरानी करते हैं। किसी के आने का संदेह होते ही ये सूचना देकर अवैध खनन बंद करवा देते हैं। फिर हलचल नहीं पर रात भर खनन चलता रहता है। इससे नदियों में गहरे गड्ढे हो चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
ट्रेलर में बजरी का परिवहन, लगाए ढेर
क्षेत्र की नदियों में अवैध खनन से इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि रात को बुल्डोजर मशीन भी नजर नहीं आती है। यहां से बड़े-बड़े ट्रेलर के जरिए बजरी अन्य जिलों में भेजी जा रही है। कई लोग नदी से अवैध खनन कर बजरी को अन्य स्थान पर एकत्रित कर दिन में बेचकर कारोबार कर रहे हैं। बिरोल के राजरतन राठौड ने बताया कि उन्होंने कई बार अवैध खनन रोकने के लिए अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

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