टोंक। बीसलपुर बांध के भराव क्षेत्र में तेज बारिश के बाद बांध में इस सीजन की सबसे ज्यादा पानी की आवक दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में बांध का जलस्तर करीब 18 सेंटीमीटर बढ़ा और शुक्रवार सुबह 6 बजे तक यह 313.75 आरएल मीटर पहुंच गया। बांध में अभी भी पानी की आवक जारी है।
बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 मीटर यानी करीब 38 टीएमसी है। फिलहाल बांध में 26.682 टीएमसी पानी है और यह करीब 68.68 प्रतिशत भर चुका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगस्त में बांध के गेट खुलने की संभावना बढ़ गई है।
त्रिवेणी नदी 3.90 मीटर की ऊंचाई पर
बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि भराव क्षेत्र में एक दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद 24 घंटे में इस सीजन की सबसे ज्यादा करीब 18 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है।
वहीं, त्रिवेणी नदी फिलहाल 3.90 मीटर की ऊंचाई पर बह रही है। बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है।
18 सेमी पानी से तीन जिलों को 10 दिन की राहत
पिछले 24 घंटे में बांध में आया करीब 18 सेमी पानी टोंक, अजमेर और जयपुर की लगभग 10 दिन की पेयजल जरूरत पूरी कर सकता है।
इन तीनों जिलों में बीसलपुर बांध से रोजाना करीब 900 से 1000 एमएलडी पानी पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है। इसके चलते बांध का जलस्तर रोजाना करीब डेढ़ से दो सेंटीमीटर कम होता है।
अब सिर्फ 1.75 मीटर खाली
शुक्रवार सुबह बीसलपुर बांध का जलस्तर 313.75 मीटर दर्ज किया गया। बांध की अधिकतम भराव क्षमता 315.50 मीटर है। यानी बांध अब करीब 1.75 मीटर ही खाली है।
यदि भराव क्षेत्र में अगले तीन-चार दिनों में तेज बारिश होती है तो बांध तेजी से भर सकता है। मौजूदा आवक जारी रही तो अगस्त में गेट खुलने की संभावना जताई जा रही है।
दो-तीन दिन तक जारी रह सकती है आवक
त्रिवेणी नदी के 3.90 मीटर पर बहने के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है। अनुमान है कि बारिश नहीं होने की स्थिति में भी मौजूदा जलस्तर के आधार पर अगले दो-तीन दिन तक रोजाना करीब 5 से 6 सेंटीमीटर पानी बांध में आ सकता है।
इतिहास में 2025 को छोड़कर बीसलपुर बांध के गेट अगस्त महीने में ही खुले हैं। ऐसे में इस बार भी अच्छी आवक जारी रही तो अगस्त में गेट खुलने की संभावना बन रही है।
किसानों को सिंचाई के लिए भी पानी मिलने की उम्मीद
बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता करीब 38 टीएमसी है। इसमें 298 मीटर के जलस्तर से ऊपर का पानी उपयोग किया जा सकता है।
बांध में करीब 16.2 टीएमसी पेयजल, 8 टीएमसी सिंचाई और 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण आदि के लिए आरक्षित है। बारिश कम होने पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता, लेकिन इस बार लगातार बारिश और बांध में बढ़ती आवक से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
टोंक जिले में तीन दिन से बारिश
टोंक जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 13 MM से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
शुक्रवार सुबह 8 बजे तक जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 262.17 MM पहुंच गया, जबकि गुरुवार सुबह 8 बजे तक यह 249.26 MM था।
मालपुरा में सबसे ज्यादा 59 MM बारिश
पिछले 24 घंटे में जिले में सबसे ज्यादा बारिश मालपुरा में दर्ज की गई।
- मालपुरा: 59 MM
- नासिरदा: 33 MM
- माशी रेन गेज सेंटर: 32 MM
- दूनी: 20 MM
- टोडारायसिंह: 19 MM
- उनियारा: 19 MM
लगातार बारिश और बीसलपुर बांध में बढ़ती पानी की आवक से टोंक के साथ जयपुर और अजमेर के लिए भी पेयजल आपूर्ति को लेकर राहत की उम्मीद बढ़ गई है। अगर बांध अगस्त में भरकर गेट खोलता है तो किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिलने की संभावना रहेगी।
