Wed, 07 22, 2026
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ध्यान दें...आपको नहीं पता कि आप जो मिठाई खा रहे हैं, वो खाने योग्य है या नहीं:

कौन सी मिठाई कब तक कर सकते हैं इस्तेमाल, नहीं लिख रहे दुकानदार

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 नवरात्र से दीपोत्सव त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। शहर में मिठाई की दुकानें सज चुकी हैं। केंद्र सरकार ने दो साल पहले आदेश दिया था कि दुकानदार को मिठाई बनाने व इस्तेमाल योग्य तिथि लिखना जरूरी है। लेकिन फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से जारी नई गाइडलाइन का ज्यादातर मिष्ठान भंडार के संचालक गंभीरता से पालन नहीं कर रहे।
दुकानदार मिठाई कितने दिन तक इस्तेमाल कर सकते हैं, यह तिथि नहीं लिख रहे हैं। एफएसएसएआई ने दो साल पूर्व आदेश जारी कर मिठाई विक्रेताओं से साफतौर पर कहा था कि अब मिठाई खुले में नहीं बेची जाएंगी। मिठाई पैक कर बेची जाएंगी और उस पर मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट (निर्माण व मियाद खत्म होने की तिथि) दोनों लिखनी होंगी, लेकिन शहर सहित जिले के अधिकांश दुकानदार ऐसा नहीं कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे ग्राहकों को मुंहजुबानी बता रहे हैं कि मिठाई को कब तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
बड़ी बात यह है कि अब त्योहारी सीजन में सड़क किनारे भी टैंट-तंबू में मिठाई बिकने लगी हैं। सरकार ने आमजन को ताजा व शुद्ध मिठाई उपलब्ध करने की मंशा से निर्माण व एक्सपायरी डेट के आदेश दिए थे। बावजूद, शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई की अधिकतर दुकानों पर सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
लोगों को बासी व मिलावटी मिठाई मुहैया कराई जा रही हैं। रोचक बात तो यह है कि लोगों को पता ही नहीं चलता है कि दुकानदार जो मिठाई दे रहा है, वह कितने दिन पहले बनी थी और अब खाने योग्य है या नहीं। सारा माजरा जानकर भी स्वास्थ्य विभाग चुपी साधे है।
बहाने बना रहे दुकानदार
शहर की करीब आधा दर्जन दुकानों पर पता लगाया तो किसी भी दुकान पर निर्माण और उसकी मियाद खत्म होने की तिथि अंकित नहीं थी। पैक किए जा रहे डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग या इस्तेमाल तिथि न होने के बारे में दुकानदारों से बात की गई तो दुकानदारों का कहना था कि त्योहारों से कुछ दिन पहले जब ज्यादा मिठाई बनाएंगे तो उन डिब्बों पर निर्माण व इस्तेमाल तिथि अंकित कर देंगे।
एक दिन चलने वाली मिठाइयां

 चॉकलेट कलाकंद, कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद।
सात दिन चलने वाली मिठाइयां
काजू कतली, बालूशाही, मूंग बर्फी, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग।
दो दिन चलने वाली मिठाइयां
दूध से बनीं मिठाइयां, रसगुल्ला, मिल्क बादाम, मलाई रोल, हरिभोग, रसकदम, गुड़ रसमलाई, रस मलाई, शाही टोस्ट, रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन, बंगाली रबड़ी।
जानकारी के अनुसार इन दिनों त्यौहारी माहौल है एवं सहालक भी शुरू होने वाले है जिसके चलते प्रशासन इसकी ओर सक्रिय हो गया है। सभी को गुणवत्तापूर्ण मिठाई एवं मावे मिले इसको लेकर प्रशासन एवं खाद्य विभाग निरीक्षण करता रहता है। लेकिन दुकानदार इस बात को महत्व न देते हुए अपने मुताबिक गुणवत्ता वाली सामग्री उपयोग कर मिठाई तैयार करते है जो कई बार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाती है।
चार दिन चलने वाली मिठाइयां
केसर कोकोनट लड्डू, खीर कदम, मेवा भाटी, फ्रूट केक, मोतीचूर मोदक, पेड़ा, घेवर, तिल बुग्गा, सफेद पेड़ा, मिल्क बर्फी, खोवा बादाम, फ्रूट केक, बूंदी लड्डू, प्लेन बर्फी, कोकोनट बर्फी, लाल लड्डू।

 

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