मैं किसी कार्य से बाहर आया हुआ हूं, मेरा दोस्त अथवा रिश्तेदार हॉस्पीटल में भर्ती है अथवा मैं किसी मुसीबत में हूं। प्लीज मुझे रुपए की सख्त जरुरत है। कृपया मेरे इस एकाउंट नंबर में इतनी राशि जमा करवा दीजिए। आते ही आपको वापस लौट दूंगा...।
यदि इस प्रकार के कोई मैसेज आपका रिश्तेदार, दोस्त अथवा मिलनसार वाला व्यक्ति आपकी फेसबुक, वाट्सएप समेत अन्य सोशियल साइट पर भेजता है तो आपको सतर्क व सावधान होने की जरुरत है। ऐसे में आप किसी हैकर्स की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते है। आप रुपए जमा करवाने से पहले एक बार मैसेज भेजने वाले संबंधित व्यक्ति से बात जरुर कर लेंवे। अन्यथा आप भी हैकर्स का शिकार हो सकते है।
पिछले कई दिनों से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिसमें कई लोग तो ऑनलाइन ठगी का शिकार भी बन चुके है। ऐसे में आप सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है।
जिलेभर में ऐसे सोशल साइबर ठग सक्रिय हो चुके हैं, जो फेसबुक, वाट्सएप को माध्यम बनाकर आपके साथ कभी भी ठगी की वारदात को अंजाम दे सकते हैं। साइबर ठग आपके किसी जान पहचान वाले या रिश्तेदारों की फेसबुक आइडी या वाट्सएप आइडी बनाकर मैसेज कर सकते हैं। इसमें वे आपसे कोई इमरजेंसी बताकर एक बैंक अकाउंट नंबर देंगे। जिसमें आपसे तत्काल पैसे डालने की बात कहेंगे।
हैकर्स ने की वाट्सएप आइडी हैक
आहोर निवासी डूंगाराम प्रजापत की वाट्सएप आइडी कुछ दिन पूर्व हैकर्स ने हैक कर दी तथा उनके सभी कोंटेक्ट के लोगों के वाट्सएप पर हैकर्स ने रुपए जमा करवाने के लिए मैसेज भेजे। फर्जी आईडी पर नंबर दूसरे थे लेकिन डीपी पर उनकी फोटो लगी हुई थी। डूंगाराम प्रजापत को जब उसकी वाट्सएप आइडी हैक होने की जानकारी हुई तो उसने तत्काल अपने कॉन्टेक्ट के लोगों को मैसेज भेजकर उन्हें सचेत भी किया। इस प्रकार के मामले नगर समेत क्षेत्र में आए दिन सामने आ रहे है। ऐसे में आमजन को बेहद जागरुक रहने की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर आमजन को इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान व सजग रहने का संदेश दिया जाता है। इसके बावजूद कई लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार बन जाते है।
