Wed, 07 22, 2026
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फसल बीमा के नाम पर ठगे जा रहे गरीब किसान:

किसी को नहीं मिला दो साल पहले का मुआवजा तो किसी का दूसरा उठा ले गया : फसल बीमा में लगातार गड़बड़ी जारी

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फसल-बीमा कराने एक ई-मित्र पर पहुंचे किसान को जब पता चले कि उसके खेत का बीमा तो किसी दूसरे व्यक्ति ने पहले ही करा लिया है तो उसकी हालत समझी जा सकती है। यानी उसके खेत के फसल बीमा से उसे किसी दूसरे ने वंचित कर दिया। फसल बीमा को लेकर आए दिन तरह-तरह की शिकायत मिल रही है। थानों के अलावा एसपी ही नहीं जिला कलक्टर तक कहीं अकेला तो कहीं पीड़ितों का हुजूम पहुंच रहा है।
डेरवा निवासी खींयाराम जाट ने हाल ही श्रीबालाजी थाने में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वह अपने खेत की भूमिका का फसल बीमा करवाने गया तो पता चला कि उसके दोनों खसरों पर लादूराम नामक व्यक्ति ने बीमा करवा दिया। नुकसान की बात तो समझ में आई पर उसके खेत की पॉलिसी करवाने के पीछे कागजात/आईडी/हस्ताक्षर कैसे करके यह हुआ। खींयाराम पहले एसपी के समक्ष पेश हुआ था, बाद में उनके आदेश पर यह मामला दर्ज हुआ। ऐसे ही अनेक मामले इन दिनों नागौर कलक्ट्रेट ही नहीं एसपी कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। कोई ई-मित्र के दस प्रतिशत कमीशन लेकर पूरा मुआवजा दिलाने की शिकायत कर रहा है तो कोई कह रहा है कि बीमा कम्पनी के सर्वेयर और कृषि विभाग के कारिंदे किसान तक पहुंचते ही नहीं हैं।
कुछ दिन पहले इसी तरह का पोटलिया मांजरा व ग्राम पंचायत रायधनु का एक मामला एसपी के समक्ष पहुंचा। इसमें वर्ष 2020-21, 2021-22 में भारी फर्जीवाड़ा होने की शिकायत दी गई। इसमें एक जने का उल्लेख करते हुए बताया गया कि फर्जी बटाईदार बनाकर फर्जीवाड़ा कर मुआवजा भी इसने उठा लिया। ना सिर्फ उपभोक्ताओं से आईडी लेकर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की गई बल्कि इस व्यक्ति के भाई के ई-मित्र के जरिए यह सब गड़बड़ करने के आरोप लगे। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया गया कि कुछ लोगों को डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया तो कुछ को पैसे दे दिए। लोगों ने समिति बनाकर इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सूत्रों के अनुसार कुछ जगह गरीब व कम पढे लिखे किसानों से ठगी अथवा दलाली करने वाले उन्हें क्लेम दिलाने का लालच दिखाकर झांसे में ले रहे हैं। झूठ का सहारा लेकर अधिक फसल बीमा क्लेम दिलाने के लिए किसानों को झांसे में लेकर बीमित राशि की 10 प्रतिशत राशि एडवांस में जमा करवाने की बात सामने आ रही है। कई गांवों से ऐसी शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंच रही है। यहां तक कि किसानों को यह कहकर डराया जा रहा है कि ऐसा नहीं करने पर सब क्लेम से वंचित रह जाएंगे। गैरकानूनी ढंग से गरीब किसानों से ठगी की शिकायतें मिल रही है। गांव वाले तक कह रहे हैं कि बीमा कम्पनी के कर्मचारी सर्वेयर इन्हीं लोगों के साथ बैठकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

 

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