Wed, 07 22, 2026
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विज्ञापन अधिप्रमाणन के साथ पेड न्यूज पर नजर रखेगा एमसीएमसी प्रकोष्ठ:

राजनैतिक विज्ञापन प्रमाणित करवाना होगा अनिवार्य

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विधानसभा चुनाव-2023 के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) डॉ. ओमप्रकाश बैरवा ने बताया कि विज्ञापन अधिप्रमाणन के साथ मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी पेड न्यूज पर नजर रखेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी कहा कि यह कमेटी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया, केबल मोबाइल नेटवर्क आदि पर सभी प्रकार के संप्रेषण साधनों पर विज्ञापन, समाचार, संदेश, चर्चा व साक्षात्कार की जांच कर नजर रखेगी। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार किसी भी मीडिया प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक में प्रकाशित प्रसारित समाचार या विश्लेषण, जिसका मूल्य नगद या वस्तु में दिया गया हो तो उसे पेड न्यूज़ के रूप में संदिग्ध मानकर समिति के समक्ष रखा जायेगा।
क्या है पेड न्यूज
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि समाचार का उद्देश्य सूचना प्रदान करना है एवं विज्ञापन का उद्देश्य बढ़ावा देना या प्रोन्नत करना है। समाचार निष्पक्ष होता है जबकि विज्ञापन का मूल्य होता है। जिले में मतदाताओं पर गलत तरीके से प्रभाव डालना, उन्हें भ्रमित करना, सोचने के अधिकार पर प्रभाव डालना, चुनाव व्यय पर प्रभाव डालना, इस आशय से प्रकाशित और प्रसारित किए गए समाचारों को पेड न्यूज़ में शामिल माना जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ही लेख, फोटो, हैडलाइन यदि अलग-अलग प्रकाशनों में छपती है या तो भिन्न लेखक के नाम से या थोड़े से भिन्न वाक्य के साथ किसी विशेष समाचार पत्र में प्रत्याशियों के प्रशंसात्मक लेख प्रकाशित होते हैं या किसी विशेष प्रत्याशी की अत्यधिक प्रशंसा एवं जीत की संभावना, किसी एक की अन्य प्रत्याशियों की तुलना में अधिक कवरेज हो तो इसको भी पेड न्यूज की श्रेणी में माना जाएगा।  जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मीडिया प्रकोष्ठ, व्यय पर्यवेक्षक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, किसी भी शिकायत के आधार पर एवं स्वप्रेरणा से संदिग्ध पेड न्यूज के प्रकरण प्राप्त किये जायेंगे जिसके बाद पेड न्यूज का विश्लेषण एवं निर्णय एमसीएमसी कमेटी द्वारा कर निर्धारित कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
पेड न्यूज पर कार्यवाही
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संदेहास्पद एवं संदिग्ध पेड न्यूज पर निगरानी के लिए सूचना जनसम्पर्क विभाग में 24 घंटे निगरानी तंत्र बनाया गया है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों का विश्लेषण किया जाता है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा संदिग्ध पेड न्यूज मानी जाने पर आरओ संबंधित प्रत्याशी को 96 घंटे की भीतर नोटिस जारी करेगा। प्रत्याशी 48 घंटे के भीतर उक्त मामले में जबाव प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि इसकी अपील राज्य स्तर पर एमसीएमसी को 48 घंटे में प्रत्याशी द्वारा की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय एमसीएमसी की अपील चुनाव आयोग को 48 घंटे के भीतर की जा सकेगी।

 

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