कोटखावदा तहसील कार्यालय पिछले करीब 15 दिन से रामभरोसे चल रही है। यहां गत 1 अक्टूबर से तहसीलदार मेडिकल पर चल रहे है तो नायब तहसीलदार का पद पिछले साढ़े 8 माह से रिक्त है। जिसके चलते लोगों के राजस्व संबंधित सहित अन्य तहसीलों से होने वाले कार्य नहीं हो रहे है। किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से तहसील में कार्य लेकर आते हैं। लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है। कई घंटे तहसील कार्यालय में विभिन्न कक्षाओं में कार्मिकों के चक्कर लगाने के बाद वापस लौट जाते है। वहीं रोज-रोज चक्कर लगाने से धन व समय दोनों बर्बाद हो रहे है। तहसील में कैलाश चंद मीना तहसीलदार ने गत 20 अगस्त को कार्यभार ग्रहण किया था। 13 सितंबर 2023 को लालचंद शर्मा सहायक प्रशासनिक अधिकारी रिश्वत की राशि लेते हुए ट्रेप हो गए। इसके बाद से ही तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और कार्य बाधित होने लगे। इसके बाद 1 अक्टूबर 2023 से तहसीलदार कैलाश चंद मीणा मेडिकल पर चल रहे है। तहसील कार्यालय में तहसीलदार और नायब तहसीलदार दोनों के ही नहीं होने के कारण न्यायालय संबंधित फाइलों की सुनवाई कार्य, कन्वर्जन कार्य सहित सभी राजस्व कार्य बाधित हो रहे है। चाकसू तहसीलदार पुष्पेंद्र पांचाल के पास चाकसू के साथ कोटखावदा तहसील का भी करीब एक सप्ताह से चार्ज है। लेकिन दो तहसील और चुनाव संबंधित कार्यों को लेकर कोटखावदा तहसील कार्यालय में पूर्ण समय नहीं दे पा रहे है।
तहसील में यह पद रिक्त
यहां नायब तहसीलदार का पद 1 फरवरी 2023 से रिक्त चल रहा है। कनिष्ठ लेखाकार- एक, सहायक प्रशासनिक अधिकारी- एक, सूचना सहायक एक और चतुर्थ श्रेणी के छह पद लंबे समय से रिक्त चल रहे है।
किसानों ने जताया रोष
यहां तहसील कार्यालय पहुंचे किसानों ने रोष जताते हुए बताया कि जब तहसील कार्यालय में ही अधिकारियों के पद रिक्त होने के साथ ही कर्मचारी अपने कार्य को पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं। तो किस तरह से लोगों को राहत मिलेगी। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत करवाया है और तहसील कार्यालय में जल्द तहसीलदार के साथ ही नायब तहसीलदार की नियुक्ति की मांग की है।
चुनाव कार्य भी हो रहे प्रभावित
विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लग चुकी है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की तहसील कार्यालय में मौजूदगी नहीं होने से कई कार्य बाधित हो रहे है। वहीं आचार संहिता की पालना सहित चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कार्य को लेकर आने वाले कार्मिकों को भी बैरंग लौटना पड़ रहा है।
