Wed, 07 22, 2026
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सेहत को खतरा....खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा:

जिम्मेदार मौन, नहीं होती कार्रवाई

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बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर भले ही गंभीरता बरतने के दावे किए जा रहे हों लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। बायो मेडिकल वेस्ट (मेडिकल कचरा) खुले में फेंका जा रहा है। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे वेस्ट यहां-वहां डालने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसा ही गांव नगराना टोल प्लाजा समीप सड़क किनारे मेडिकल वेस्ट मिला। जहां इस्तेमाल हुए इंजैक्शन, गोलियां एवं अन्य वेस्ट मेडिकल दवाएं काफी तादाद में डाली हुई हैं।
उज्जवला क्लब अध्यक्ष जुगल स्वामी ने बताया पहले भगतपुरा रोड़ पर वेस्ट मिल चुका। गंभीरता से ठोस कोरवाई नहीं हुई। यूं पड़े मेडिकल वेस्ट से नागरिकों के अलावा जानवरों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। इनके निस्तारण के नियम एवं व्यवस्थाएं निर्धारित होने के बावजूद सड़क किनारे वेस्ट डालने से लोग बाज नहीं आ रहे। किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेवार मौन हैं। खामियाजा आमजन भुगत रहा है।
यह हैं मेडिकल बायो वेस्ट
प्रयोग की गईं सिरिंज, यूज्ड बैंडेज, पैथोलॉजी वेस्ट, कैप्सूल, पीपीई किट, पीपीई कवर, मास्क, ग्लब्स आदि मेडिकल बायो वेस्ट यहां मिले हैं। इनसे एचआईवी, हेपेटाइटिस, टिटनेस, निमोनिया समेत अन्य प्रकार के संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आने से खतरा रहता है। चिकित्सकों के अनुसार बायो मेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण न हो तो संक्रमण हो सकता है। अस्पताल के एक बेड से निकलने वाला औसतन 250 ग्राम कूड़ा ऐसा है, जिसका निस्तारण हर हाल में जरूरी है। नहीं तो इसके अंदर मौजूद बैक्टिरिया या वायरस संक्रमण का कारण बनते हैं। खुले मैदानों या नालियों में फेंके जाने से वायु-जल प्रदूषण भी होता है। 

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