एक तरफ तो सरकार व शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित कर रही है, तो दूसरी ओर तीन माह बीतने के बाद भी सरकारी स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म का इंतजार है। जिले में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 693 विद्यार्थी अब तक नई ड्रेस से वंचित है। उधर, शिक्षा विभाग की ओर से अब तक नई ड्रेस नहीं मिलने से विद्यार्थी पुरानी ड्रेस पहनकर ही विद्यालय पहुंच रहे है। स्थिति ये है कि अब तक एक भी सरकारी स्कूल में नई यूनिफॉर्म नहीं पहुंची है।
समसा में रखे यूनिफॉर्म के कट््टे
जिले के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अब तक नई ड्रेस नहीं मिली है, जबकि जिला मुख्यालय पर इंदिरा कॉलोनी में संचालित समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में विद्यार्थियों की ड्रेस पहुंच चुकी है। ऐसे में समसा परिसर में नई ड्रेस के कट््टों के ढेर लगे है। शिक्षा विभाग के अनुसार नई यूनीफॉॅर्म के ब्लॉक वाईज कट्टे समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालय में आ चुके हैं, लेकिन अब तक वितरण नहीं हो पाया है।
इसलिए हो रही देरी
सरकारी स्कूलों में नवीन नामांकन के आंकड़े 30 सितंबर तक जुटा लिए जाते हैं, लेकिन विभाग को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस सत्र में कुल कितने नामांकन हो चुके हैं। हर दिन इसे अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी वजह से समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालय से छात्रों के लिए नई यूनीफॉर्म अभी तक ब्लॉक वाईज स्कूलों में नहीं पहुंच पाई है। नई यूनीफॉर्म से भरे कट्टे समसा कार्यालय के बरामदे में पड़े हैं। शिक्षा विभाग पहले ब्लॉकवाईज स्कूलों की नामांकन संख्या को अंतिम रूप से तैयार करेगा। इसके बाद ही किस ब्लॉक में कहां और किस स्कूल में कितनी यूनीफॉर्म पहुंचाई जानी है, इसे निर्धारित करेगा।
आचार संहिता लागू होने से पहले ही पहुंचाएं
नई यूनीफॉर्म के लिए सरकार की ओर से हर साल 30 सितंबर के बाद जिले की स्कूलों में छात्रों की नामांकन रिपोर्ट को देखते हुए टेंडर जारी किया जाता है लेकिन इस सत्र में आचार संहिता लागू हो, इससे पूर्व ही सरकार ने तत्परता दिखाते हुए स्कूलों में पिछले साल की नामांकन संख्या को देखते हुए ही टेंडर जारी कर दिया और जिले की समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालयों में नई यूनीफॉॅर्म के कट्टे पहुंचा दिए। लेकिन यहां से ब्लॉकों में नहीं पहुंचे है।
पुरानी यूनीफॉर्म से ही चलाना पड़ेगा काम
सरकारी स्कूलों में जिन बालकों का नवीन प्रवेश है, उनको नई यूनीफॉर्म का इंतजार करना पड़ रहा है और जिन छात्र-छात्राओं के पास पुरानी यूनीफॉर्म है, वे उसे ही पहनकर स्कूलों में पढऩे के लिए पहुंच रहे हैं। यदि इस सत्र की नामांकन संख्या के अनुसार पहली से बारहवीं तक सभी बालक-बालिकाओं को नई यूनीफॉर्म नहीं मिली तो उनको पुरानी यूनीफॉर्म से ही काम चलाना पड़ेगा। आचार संहिता लागू होने के भय से इस सत्र की नामांकन संख्या को जाने बिना एवं पिछले सत्र की नामांकन संख्या को देखते हुए जो यूनीफॉर्म शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई है, वह कम पड़ सकती है।
