Wed, 07 22, 2026
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ठगों के ‘पर’ करतने में जुटी पुलिस, एक लाख 20 हजार से अधिक फर्जी सिमकार्ड कराए बंद:

ऑनलाइन ठगी मामले में संभाग में मेवात ने झारखण्ड के जामताड़ा को छोड़ा पीछे

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पुलिस ने अब ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों के द्मपरद्य करतना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में संभाग में कुख्यात भरतपुर और वर्तमान में नवीन डीग जिले के मेवात ने किसी समय खासे बदनाम रहे झारखण्ड जामताड़ा को भी ठगी की वारदातों में पीछे छोड़ दिया है। देश में ऑनलाइन ठगी के मामले में बीते कुछ सालों में मेवात के ठगों ने खासी सुर्खियों में रहा है। अब इन पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। संभाग में में बीते कुछ दिनों में रिकॉर्ड तोड़ सिमकार्ड बंद कराए गए हैं। ये आंकड़ा करीब 1 लाख 20 हजार से अधिक जा चुका है। इसमें अकेले भरतपुर (डीग जिले से पूर्व) पुलिस करीब करीब 1.17 लाख सिमकार्ड बंद करा चुकी है। यानी इन सिमकार्डों की आवाज पूरी तरह बंद हो गई है। हालांकि, गिरोह लगातार नए सिमकार्ड लाकर वारदातें करने में जुटा है। वहीं, धौलपुर में जिले में फिलहाल सिमकार्ड ब्लॉक कराने के मामले में शुरुआत दौर में है। यहां अभी संदिग्ध नम्बरों को चिह्नित किया जा रहा और बीटीएस के जरिए डाटा एकत्र हो रहा है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भी आगे आया है। बीएसएनएल अब अपने सभी रिटेलर्स का सत्यापन करा रही है जिससे सिमकार्ड गलत व्यक्ति के हाथ में नहीं जाए।
फर्जी सिमकार्डों पर पुलिस ने कसी नकेल
भरतपुर संभाग में फर्जी सिमकार्डों का बड़े स्तर पर उपयोग हो रहा है। इसमें सबसे अधिक फर्जी सिमकार्ड भरतपुर और हाल में बने नवगठित जिले डीग में एक्टिव हैं। ये सिमकार्ड नॉर्थ-ईस्ट, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा समेत अन्य प्रदेशों से खरीदे गए हैं। इनका उपयोग इलाके में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में किया जा रहा है। डीग एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र में जो संदिग्ध बाहरी सिमकार्ड एक्टिव हैं, उन पर साइबर सेल नजर रखती है। शिकायतें मिलने और जांच-पड़ताल के बाद इन सिमकार्डों को ब्लॉक किया जा रहा है। गौरतलब रहे कि मेवात इलाके में बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी के लिए कई गिरोह और छोटे-छोटे ग्रुपों में लोग लगे हुए हैं। ठगी की घटनाओं में ये फर्जी सिमकार्डों का इस्तेमाल करते हैं।
इधर, बीएसएनएल भी हुआ सख्त, रिटेलर्स का सत्यापन शुरू
साइबर अपराधों को देखते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जिले में अपने सभी रिटेलर्स का पुलिस सत्यापन शुरू करा दिया है। इसके लिए उपमंडल अधिकारियों की ओर से क्षेत्रवार डाटा तैयार कराया जा रहा है। जिसके बाद जिला कार्यालय में इस संबंध में सभी रिटेलर्स को संदेश भेजे गए हैं। उपमंडल अधिकारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराध के लिए ठग सिमकार्ड का ही प्रयोग करते हैं। इसके लिए कई बार धोखा देकर फर्जी आइडी से सिमकार्ड निकलवाए जाते हैं। कई बार रिटेलर्स की साठ-गांठ से बिना किसी सत्यापन के सिमकार्ड बेच दिए जाते हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अब बीएसएनएल ने अपने सभी रिटेलर्स को पत्र भेजकर अपना सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में बीएसएनएल के 140 से ज्यादा रिटेलर्स हैं जो स्थायी अथवा कैनोपी आदि लगाकर सिमकार्ड बेचने का काम कर रहे हैं।

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