Thu, 07 23, 2026
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अब कनाडा जाने में लग सकता है अधिक समय:

विवाद ने कनाडा जाने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की चिंता बढ़ाई

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 कनाडा दूतावास के 41 कॉर्मिकों को वापस भेजने के बाद उपजे विवाद ने जिले से कनाडा जाने की तैयारी कर रहे करीब आठ से दस हजार स्टूडेंट व अन्य को अधिक समय लग सकता है। इमिग्रेशन सेंटर संचालकों की माने तो अब स्टूडेट्स व अन्य वीजा मिलने में देरी होगी। इसके अलावा कोई ज्यादा परेशानी नहीं है।

श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ का इलाका पंजाब से सटा होने के कारण यहां भाषा, रहन-सहन, फैशन, खान-पान व विचार मिलते-जुलते हैं। पंजाब से काफी संख्या में लोग हर साल कनाडा सहित अन्य देशों में जाते हैं। इसके अलावा कनाडा में पंजाब के काफी संख्या में लोग वहां की नागरिकता लेकर रह रहे हैं। ऐसे में इस इलाके के लोग भी काफी संख्या में कनाडा में है। आईलेट, पीटीई कोर्स कराने वालों की माने तो जिले से करीब ढाई दशक पहले से ही धन कमाने व पढ़ाई को विदेश जाने का सिलसिला चल रहा है। यहां से हर साल करीब एक-से दो हजार स्टूडेंट पढ़ाई व धन कमाने के लिए विदेश जा रहे हैं। जब से भारत व कनाडा के बीच विवाद उपजा है, तब से यहां से जाने वाले स्टूडेंट व अन्य की चिंता बढ़ती जा रही है। इमिग्रेशन सेंटर संचालकों का कहना है कि सितंबर में जाने वाले चले गए हैं लेकिन अब जनवरी में जाने वाले करीब दो हजार बच्चों को चिंता में डाल दिया है। जिले में इस समय करीब दस से बारह हजार स्टूडेंट कनाडा जाने की तैयारी में हैं। दोनों देशों के बीच विवाद के चलते व चंडीगढ़ में कंसुलेट बंद होने से वीजा मिलने में परेशानी हो सकती है।

ऑनलाइन सर्विस चालू

इमिग्रेशन सेंटर संचालक जगदीप सिंह का कहना है कि दोनों देशों के बीच उपजे विवाद का कुछ ज्यादा असर यहां से जाने वालों पर नहीं पड़ेगा। चंडीगढ़ इन पर्सन सर्विस बंद की गई है, जबकि आनलाइन सर्विस चालू है।

नए जाने वालों का लग सकता है समय

इमिग्रेशन सेंटर संचालक एमएस राय का कहना है कि विवाद से कनाडा जाने वालों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। लेकिन जहां प्रोसेस में जो समय लगता था, उससे अधिक समय बढ़ जाएगा। यहां नहीं तो आसपास के देशों में कनाडा के कंसुलेट शुरू हो जाएंगे।

जिले में चल रहे 200 से अधिक सेंटर

जिले में आईलेट व पीटीई कोर्स कराने वाले करीब 200 से अधिक सेंटर संचालित है। जहां हर साल करीब पांच हजार से अधिक स्टूडेंट कोर्स करने के लिए आते हैं। यहां एच ब्लॉक डिग्गी सहित आसपास के इलाके में ऐसे दर्जनों सेंटर संचालित हो रहे हैं। जहां विदेश जाने के इच्छुक स्टूडेंट तैयारियों में जुटे हुए हैं। संचालकों की माने तो इनमें से आधे बच्चे ही सलेक्ट होकर विदेश जा पाते हैं।

स्टूडेंट वीजा पर जाने वाले अधिक

कोचिंग सेंटर संचालक ने बताया कि विदेश जाने वालों में स्टूडेंटस की संख्या ज्यादा है। जिसमें पढ़ाई के लिए वहां के विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। इसके चलते उनको जल्द वीजा मिल जाता है। पढ़ाई के साथ ही वे वर्क भी करते हैं और उससे अपना खर्च चलाते हैं।

पासपोर्ट के लिए आ रहे सत्यापन

पुलिस ने बताया कि 2021 में कोरोना का प्रभाव रहने के कारण पासपार्ट के सत्यापन के लिए 13111 आवेदन आए थे। इसके बाद आवेदनों की संख्या बढ़ गई और वर्ष 2022 में 22 हजार 885 आवेदन आए। वर्ष 2023 में भी हजारों की संख्या में आवेदन आए हैं।

यहां कोई टेंशन नहीं

कनाडा में पढ़ाई कर रहे श्रीगंगानगर के अमरदीप हंसपाल का कहना है कि यहां काफी संख्या में भारतीय स्टूडेंट व अन्य लोग है। इस विवाद से यहां पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट व अन्य को कोई टेंशन नहीं है। इसी प्रकार रमनजोत सिंह ने बताया कि यहां रह रहे स्टूडेंट व अन्य पर कोई असर नहीं है। वे बिना फिक्र के अपनी पढ़ाई व कार्य कर रहे हैं।

 

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