Wed, 07 22, 2026
देश

वादों के घूंट के चलते जनता के सूख रहे हलक:

साढ़े सात हजार करोड़ की योजना को मिल चुकी मंजूरी, अब आचार संहिता ने उलझाया पेंच

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पिछले दो साल से भले ही प्रदेश की सियासत में ईआरसीपी की गूंज सुनाई दे रही हो लेकिन धोरों में भी सियासत का बड़ा मुद्दा पानी ही है। पिछल 15 सालों से यहां की सियासत में कुम्भाराम लिफ्ट पेयजल परियोजना की गूंज सुनाई दे रही है लेकिन जनता को राहत अभी तक नहीं मिल सकी है।
कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना का नाम लेते ही श्रीमाधोपुर के रामकरण बोले कि चुनाव के समय सियासत के लिए भले ही यह मुद्दा बन जाता है लेकिन हमें तो रोज पानी के लिए संघर्ष करना पड़ा है। खंडेला के सुरेंद्र कुमार की पीड़ा है कि गिरते पेयजल स्तर की वजह से खेती का रकबा लगातार घट रहा है। नीमकाथाना इलाके के लोगों का भी यही कहना है कि 15-20 सालों में इस प्रोजेक्ट की लागत कई गुणा बढ़ गई, लेकिन काम धरातल पर अभी तक नहीं आया है। विधानसभा चुनाव 2023 के रण में पानी के मु्द्दे की गूंज होगी लेकिन नहरी पानी कब तक आएगा इसका किसी को पता नहीं है।
इन क्षेत्रों को राहत...
कुम्भाराम लिफ्ट पेयजल परियोजना में अंचल के लोगों को काफी राहत मिली। योजना से नीमकाथाना, खंडेला, श्रीमाधोपुर, दांतारामगढ़, सीकर, धोद, पिलानी, नवलगढ़ व उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र कवर होने है।
दस साल में यह योजना इसलिए चर्चा
पिछले चुनाव के समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस योजना का नाम लेते समय कुम्भकरण योजना कहकर संबोधित किया था। भाजपा ने इस मुद्दे को पिछले चुनाव के समय काफी भुनाया था।
पिछली सरकार के समय इस योजना के लिए वित्तिय स्वीकृति जारी लेकिन आचार संहिता की वजह से से काम अटक गया।
पहले मामला राज्यस्तरीय कमेटी के पास अटका रहा, उस दौरान भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए। जब मामला केन्दीय समिति में अटका तो राज्य के कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाए। इसके बाद अप्रेल महीने में प्रोजेक्ट को दोनों सरकारों से मंजूरी मिल गई।
आगे क्या: दोनों जिलों में अलग-अलग लाइन से आएगा पानी
इस योजना के तहत सीकर व झुंझुनूं जिले में अलग-अलग जोन से पानी आना है। झुंझुनूं जिले से दो पेयजल लाइन अलग-अलग बिछाई जाएगी। पहली लाइन झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जाएंगी। दूसरी लाइन सीकर जिले के श्रीमाधोपुर, खंडेला व नीमकाथाना क्षेत्रों में जाएगी। इसी लाइन से सीकर, दांतारामगढ़ व धोद विधानसभा क्षेत्र में पानी आना है।
लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर के प्रोजेक्ट से अलग
सीकर जिले की दो तहसीलों को फिलहाल राहत मिलती नजर आ रही है। लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर के गांवों में मीठा पानी पहुंच चुका है। डीपीआर में बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए मलसीसर, लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर के प्रोजेक्ट से अलग लाइन बिछाई जाएगी, जिससे नहरबंदी के समय लोगों को परेशानी नहीं हो।

 

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