विधानसभा चुनाव में आचार संहिता का असर मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना में स्कूलों को सप्लाई किए जाने वाले मिल्क पाउडर पर भी पड़ रहा है। सरकारी स्कूलों में नामांकन एवं ठहराव सुनिश्चित करने के साथ ही बच्चों के पोषण के लिए जिले सहित प्रदेशभर में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को पिलाए जा रहे दूध के पैकेट पर अब सीएम अशोक गहलोत का फोटो नहीं दिखेगा। सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले दूध के पैकेट से मुख्यमंत्री गहलोत के फोटो को ढकने के निर्देशों के बाद अब ये दूध के पैकेट संस्था प्रधानों के लिए माथे की सलवटें बढ़ा रहे हैं। स्कूलों में संस्था प्रधान सहित अन्य शिक्षक दूध पैकेट पर लगे सीएम के फोटो पर कागज अथवा टेप चिपकाते नजर आ रहे हैं। ताकि मुख्यमंत्री के फोटो लगे गुलाबी रंग के यह पैकेट सीधे आचार संहिता की धज्जियां ना उड़ा दें।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने फौरन दिए आदेश
राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस संबंध में प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेजे हैं।
आदेश में कहा गया है कि राजकीय विद्यालयों एवं मदरसों में कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील योजना एवं मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना चल रही है। इस योजना के तहत दूध पाउडर के पैकेट पर मुख्यमंत्री के फोटो प्रिंट किए हुए हैं, लेकिन अब राज्य में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता की गाइडलाइन के अनुसार फोटो को ऐसे कवर किया जाए, जिससे वह नजर नहीं आए। साथ ही पाउडर मिल्क के पैकेट को कवर करते समय नमी आदि से वह खराब तथा दूषित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।
ताकि...आचार संहिता का ना हो उल्लंघन
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद जिलेभर में सरकारी योजनाओं आदि के फ्लेक्स बोर्ड हटा दिए गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ हर स्कूल में बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री के फोटो लगे दूध पाउडर के पैकेट्स पड़े होने पर शिक्षा विभाग ने सभी पैकेट्स को कवर करने के फरमान दिए हैं।
संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में पड़े पैकेट्स को कवर करना है। इसके लिए मिड डे मील बनाने वाली महिलाओं एवं छात्रों से मुख्यमंत्री के फोटो पर कागज या टेप लगवाया जा रहा है।
क्या है मुख्यमंत्री बाल गोपाल दूध योजना
राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना शुरू की गई। इसके तहत प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में दूध पाउडर के पैकेट भेजे गए।
इसमें बच्चों को सप्ताह के दो दिन पाउडर से दूध बनाकर देना था। इसमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए 15 ग्राम पाउडर से 150 मिलीलीटर दूध एवं कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए 20 ग्राम पाउडर से 200 मिलीलीटर दूध देने के प्रावधान है।
