Wed, 07 22, 2026
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हरियाणा ही नहीं बगड़ में भी तैयार होते हैं पहलवान:

बगड़ की माटी से खेलकर ओलम्पिक तक किया सफर

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 कुश्ती के पहलवान केवल हरियाणा में ही नहीं बल्कि राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बगड़ कस्बे में भी तैयार होते हैं। बगड़ की माटी में तैयार होेकर अनेक पहलवान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके। ओलम्पिक तक का भी सफर पूरा कर चुके। वर्ष 1952 में पहलवान नंदलाल झाझड़िया ने पुष्कर व्यायाम शाला शुरू की थी। तब से लेकर आज तक लगातार व्यामशाला संचालित है। शाम होते ही अखाड़े में रंगत आ जाती है। कोई पहलवान कसरत करता दिखाई देता है तो कोई कुश्ती के नए नियम सीखता नजर आता है। वर्ष 1995 में पहलवान नंदलाल के निधन के बाद अखाड़े की जिम्मेदारी उनके पुत्र वर्तमान में कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष उम्मेदसिंह झाझड़िया ने संभाली। वे खुद भी कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीत चुके।
वे अब तक 700 से ज्यादा पहलवान तैयार कर चुके हैं। वर्तमान में रोजाना 40 से 50 पहलवान अखाड़े में कुश्ती के गुर सीख रहे हैं।
सरकारी अनुदान जरूरी
जिले में पहले एक दर्जन से ज्यादा छोटे बड़े अखाड़े चलते थे। लेकिन सरकारी अनुदान के अभाव में बहुत से कुश्ती के अखाड़े बंद हो चुके है, कुछ बंद होने की कगार पर है। वर्तमान में कस्बे की पुष्कर व्यायामशाला में जन सहयोग से प्रतियोगिताएं आयोजित हो पाती है। खिलाड़ियों व कोच का कहना है कि टी र्शट बांटने की बजाय खिलाड़ियों को अच्छे मैदान व श्रेष्ठ कोच मिलने चाहिए। उनको पदक जीतने पर पुरस्कार राशि उसी माह मिलनी चाहिए।
इन्होंने कमाया नाम
नंदलाल के शिष्य रामसिंह आर्य 1972 में जर्मनी में हुए ओलम्पिक में खेल चुके। उनके कई शिष्य खेल अधिकारी भी हैं। 1983 में इस अखाड़े में राजस्थान केसरी दंगल हुआ जिसमें देशभर के पहलवानों ने भाग लिया। दिल्ली के गुरु हनुमान के शिष्य व मास्टर चंदगीराम के शिष्य लीलाराम पहलवान भी इस अखाड़े में कई बार पहलवानों से रूबरू होने आ चुके हैं। पहलवान देवेंद्र ने 1997 में राष्ट्रीय दंगल में 70 किलो में स्वर्ण पदक जीता। छगन मीणा ने 2019 वर्ल्ड पुलिस फ्री स्टाइल में रजत पदक, 2018 व 19 ऑल इंडिया पुलिस में रजत व स्वर्ण पदक, 2018 व 19 में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप कांस्य पदक जीता। सीनियर नेशनल चैंपियनशिप 2022 व 2021 राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीत चुके। पहलवान अमित कुमार ने सीनियर फैडरेशन कप में कांस्य पदक, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेलो में कांस्य पदक जीता। वहीं पहलवान जगमाल ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी 2023 में रजत पदक जीता। इनके अलावा दो सौ से अधिक पहलवान, राज्य, राष्ट्रीय, ग्रामीण खेलों में भाग लेकर स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीत चुके हैं। पहलवान रमेश बुन्देला, हरनाथसिंह, रामनिवास, नरेन्द्र पुष्कर व्यायामशाला से प्रशिक्षण प्राप्त कर राज्य एवं भारतीय खेल प्राधिकरण में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

 

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