शिक्षक दिवस पर छावनी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य की ओर से शिक्षकों पर सोशल साइट पर की गई टिप्पणी के विरोध में स्टाफ ने चॉक डाउन हड़ताल की। शिक्षक दिवस पर सोशल साइट पर टिप्पणी वायरल होने के बाद प्रधानाचार्य को विद्यालय से व्यवस्थार्थ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सेवाएं देने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद मंगलवार को प्रधानाचार्य डॉ सीमा कृपलानी ने एक माह बाद सोमवार को वापस छावनी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्य संभाल लिया। इससे नाराज स्टाफ ने दूसरे दिन मंगलवार को भी विरोध जारी रखा। शिक्षिकाओं ने बुधवार को चॉक डाउन हडताल शुरू कर दी। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे। समझाइश कर विद्यालय संचालन करने के निर्देश दिए। जबकि शिक्षिकाएं इस मामले की जांच पूरी होने तक प्रधानाचार्य को विद्यालय में नही लगाने की मांग कर रहे है। मांग नहीं माने जाने पर कई शिक्षिकाओं के आंसू आ गए एवं उनकी रुलाई फूट पड़ी। शिक्षिकाओं की चॉक डाउन हड़ताल शुरू करने की जानकारी मिलने पर सीबीईओ कैलाशकुमार विद्यालय पहुंचे। स्टाफ से बात की लेकिन स्टाफ अपनी मांग पर अडा रहा। इसके बाद संयुक्त निदेशक ने मोबाइल पर शिक्षिकाओं को विरोध प्रदर्शन बंद कर कार्य शुरू करने निर्देश जारी किए।
कलक्टर पहुंचे तब भी विरोध जारी रहा...
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छावनी में स्टाफ जब चॉक डाउन हडताल पर था तो इस दौरान जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी, सहायक पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मतदान बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बावजूद शिक्षिकाओं का विरोध जारी रहा। बालिकाएं ही कक्षाओं को पढाती नजर आई।
अधिकारियों के निर्देश की हो पालना
छावनी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतदान बूथ का निरीक्षण करने जिला कलक्टर पहुंचे। इस दौरान चॉक डाउन हडताल चल रही थी। जिला कलक्टर ने सीबीईओ को अधिकारियों के निर्देश की पालना के निर्देश दिए। विद्यालय की अध्यापन व्यवस्था के प्रभावित होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
