Wed, 07 22, 2026
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भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता:

डिहाइड्रेशन और पोटैशियम कम होने की पुष्टि, दवा लेने से किया इनकार

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नई दिल्ली । दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं और उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर सामान्य से कम पाया गया है। हालांकि उन्होंने दवा, ओआरएस और अन्य चिकित्सकीय उपचार लेने से इनकार कर दिया।

अस्पताल के अनुसार, मेडिकल जांच में शरीर में अम्ल-क्षार संतुलन में गड़बड़ी, पोटैशियम का स्तर कम तथा यूरिन कीटोन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जो लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर में ऊर्जा के लिए वसा के अत्यधिक उपयोग का संकेत है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

वहीं, वांगचुक के निजी चिकित्सक डॉ. नितिन दीघे ने दावा किया कि अस्पताल में उनकी टीम को मरीज से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी जांच के अनुसार पहले पोटैशियम का स्तर सामान्य था और अस्पताल में भर्ती करने की तत्काल आवश्यकता नहीं थी।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी अस्पताल की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें स्वतंत्र रूप से दोबारा जांच कराने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल में ले जाने की अनुमति देने की अपील की।

सोनम वांगचुक पेपर लीक मामलों की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लंबे उपवास के कारण उनका वजन भी काफी कम हो गया है।

वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उनके समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि वांगचुक के दोबारा धरना स्थल पर लौटने तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।

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