श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरु अर्जुन दास द्वारा लगातार लंगर सेवा जारी है। रविवार को सत्संग भवन में 556वां लंगर लगाया गया। लंगर मे कड़ी, चावल व फल का वितरण किया गया। समिति द्वारा सेवाएं श्री गुरु अर्जुन दास, चानन राम छाबड़ा, हुक्मी देवी, संगठन मंत्री सतपाल कोर, अनुज मल्होत्रा, छिंदर पाल सिंह, सुभाष छाबड़ा, आशा रानी, एमडी सतीश, राजरानी, दिया, खुशी, निशा, प्रवीन कुमार मदन,घडोला केशरी सिंहपुर से राजा, परमजीत कौर, फतेहसिंह जरोवर सिंह, मिकी छिपा, मलोट, जीतेन्द्र अग्रवाल, अभिषेक, सुमन, साहिल, देवेंद्र, संजू, महेंद्र भटेजा, डिस्क फोरमेन अनील शर्मा, नरेश पण्डित व अन्य सदस्यों द्वारा दी गई। सभी ने तन-मन से सेवा दी। अभी पितृ पक्ष चल रहा है। गुरूजी द्वारा पितृपक्ष के बारे में बताया गया कि "अपने घर के लोग जो देवलोक चल गये हैं | उनकी आत्मा को शांति देने के लिए श्राद्ध कर्म अवश्य करने चाहिए। अगर श्राद्धकर्म करने के लिए आपके पास बिल्कुल भी धन नहीं है तो आपको उधार मांगकर धन लेना चाहिए और श्राद्ध करना चाहिए। अगर आपको कोई उधार नहीं दे रहा तो पितरों के उद्देश्य से पृथ्वी पर भक्ति विनम्र भाव से सात आठ तिलों से जलाञ्जलि ही दे दें। अगर यह भी संभव नहीं तो कहीं से चारा लाकर गौ को खिला दें। और अगर इतना भी संभव नहीं तो अपनी बगल दिखाते हुए सूर्य तथा दिक्पालों से कहें- मेरे पास श्राद्धकर्म के योग्य न धन-संपति है और न कोई अन्य सामग्री। अत: मै अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ। वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करे। मैंने अपनी दोनों भुजाएं आकाश में उठा रखी हैं।
