Wed, 07 22, 2026
देश

4.68 करोड़ की लागत से लगाए पौधे हाइवे से गायब:

एनएचएआई ने वन विभाग को सौंपा जिम्मा, विभाग का दावा 19236 पौधे लगाए

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राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी उनियारा से गुलाबपुरा में 204 किलोमीटर की दूरी के बीच हाइवे की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए लगे 4.68 करोड रुपए लागत से लगाए गए पौधे संरक्षण के अभाव नजर नहीं आ रहे है। सुरक्षा की लिहाज से लगाई गई फेसिंग भी कई जगह से गायब है।दरअसल हर बार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पौधरोपण किया जाता है, लेकिन इनकी ओर से लगाए पौधों में आधे भी नजर नहीं आते है, जो लगते है वे भी उचित संरक्षण के अभाव में दम तोड़ देते है। इस कारण इस बार एनएचएआई ने वन विभाग को यह काम सौंपा था, लेकिन वन विभाग भी इन पौधों को संरक्षण देने में बेबस नजर आ रहा है।हांलाकि वन विभाग की माने तो लगातार पौधों को सहेजने का प्रयास किया जा रहा है।
पेड़ नहीं बबूल नजर आते है
हाइवे बनाते समय हाइवे के दोनों छोर पर 30 मीटर की जगह छोड़ी जाती है, लेकिन कई लोगों ने हाइवे की जगह पर कब्जा कर रखा है । बाकि रही कसर देशी बबूलों ने पूरी कर रखी है, जिसके चलते कई स्थानों पर तो वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

44 किलोमीटर लगने थे पौधे
जानकारी अनुसार वन विभाग द्वारा उनियारा से गुलाबपुरा के 204 किलोमीटर की दूरी के बीच 44 किलोमीटर तक के पौधे लगाने थे।इस योजना में 4.68 करोड की राशि स्वीकृत हुई थी।इसके लिए 2 करोड़ 24 लाख रुपए की राशि वन विभाग को हस्तांरित भी की दी है, लेकिन उचित देखभाल के अभाव में यह योजना अब धीरे- धीरे दम तोड़ती नजर आ रही है।
इन स्थानों पर लगाने थे पौधे
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी में आने वाले हिझडोली क्षेत्र में बूंदी का गोठडा, बायपास हिण्डोली, बसोली, ओवण व नैनवां क्षेत्र में बायपास नैनवां,जजावर व रोनिजा में योजना के तहत पौधे लगाने थे।विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस योजना में 22514 पौधे लगाने थे, जिसके अनुसार 19236 पौधे लगाए जा चुके है।
तार फेसिंग नहीं, कैसे बचे पौधे
वन विभाग द्वारा चिन्हित स्थानों पर पौधे लगाने के साथ तार फेसिंग करने का दावा किया जा रहा है,। लेकिन अधिकांश स्थानों पर से नामोनिशान ही मिटा दिया है।केवल गावों के शुरुवाती व अंतिम छोर पर ही पौधे देखने को मिलते है । इसके अलावा पूरा हाइवे खाली नजर आया। बल्कि कई लोगों ने तो हाइवे के पास तक अतिक्रमण कर लिया।
इन पौधों पर रहा जोर
वन विभाग द्वारा योजना के तहत आम, इमली, धाक या चीला, जामुन, विलायती बबूल, देशी बबूल, शीशम, पीपल, रॉन, खजुर, अशोका, गुलमोहर, अर्जुन, केसिया व कचनार आदि प्रकार के पौधे लगाने थे ।बहुपंक्ति पौधरोपण के लिए बाड़ लगाने का काम कंटीले तारों से किया जाना था। जहां पांच स्ट्रैंड वाली कांटेदार तार की बाड़, जिसमें आरसीसी पोस्ट या एंजी आयरन पोस्ट पर 2 क्रास स्ट्रैंड्स एक दूसरे से 5 मीटर की दूरी पर लगाए गए।

 

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