Wed, 07 22, 2026
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ठगों के जबड़े से खींचे पौने दो करोड़, जो जागा उसकी बच गई पूंजी:

ठगी के नित नए तरीके अपनाकर साइबर ठग लगा रहे लोगों को चूना, पीड़ितों की तत्काल सूचना पर पुलिस दिला रही राहत

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सोशल मीडिया पर जिस तरह हर दिन कुछ नया ट्रैंड करता है, वैसे ही साइबर ठग भी थोड़े-थोड़े दिनों बाद ठगी का ट्रैंड बदलते रहते हैं। कभी गिफ्ट का लालच तो कभी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर साइबर ठग लोगों की जमा पूंजी को चूना लगा रहे हैं। जिले की बात करें तो साइबर सुरक्षा सैल एवं जिला पुलिस ने पौने दो करोड़ रुपए से अधिक राशि ठगों के हत्थे चढ़ने से बचाई है।
इसमें से करीब पौने एक करोड़ रुपए की राशि तो ठगी के शिकार लोगों के खातों में पुन: जमा भी हो चुकी है। जानकारों की माने तो साइबर ठगी का शिकार लोग अधिकांशत: लालच और जागरुकता के अभाव में ही होते हैं। इसलिए साइबर सुरक्षा के लिए जन जागरुकता के साथ ठगों के दिए लालच से भी बचना जरूरी है।
अभी ठगी का यह ट्रैंड
जानकारी के अनुसार अभी त्योहारी सीजन है तो साइबर ठग भी इसका फायदा उठाने को तैयार हैं। यही वजह है कि इन दिनों ऑनलाइन गिफ्ट के चक्कर में फंसाकर साइबर ठगी की जा रही है। मुफ्त गिफ्ट के लालच में जो पड़ जाए, उसके खाते में साइबर ठग सेंध लगा देते हैं।
साइबर ठग कई गिफ्ट वाउचर ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए लोगों तक भिजवाते हैं। जब डिलीवरी ब्वॉय गिफ्ट लेकर पहुंचते हैं तो लोग कहते हैं कि हमने तो कोई खरीददारी नहीं। इस पर डिलीवरी ब्वॉय गिफ्ट पर दिए नम्बर पर बात करने को कहते हैं। जो इन नम्बर पर बात करे उनको साइबर ठग अपने जाल में फंसा लेते हैं। हालांकि डिलीवरी ब्वॉय इनकी ठगी में अधिकांशत: शामिल नहीं होते। चुपचाप जो पार्सल खर्च देकर गिफ्ट ले लेते हैं, वे ठगी से बच जाते हैं।
ठगी हो तो यह कदम बेहद जरूरी
पुलिस के अनुसार ऑनलाइन साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर परिवाद दर्ज कराए। साथ ही साइबर क्राईम टीम हनुमानगढ के मोबाईल नम्बर 8764876025 पर कॉल या व्हाट्सअप करें। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https // cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत शीघ्रता से दर्ज करवाई जाए।
सर्च व डाउनलोड में बरतें सावचेती
पुलिस के अनुसार गूगल सर्च पर किसी वालेट, मर्चेंट, बैंक आदि के सम्पर्क नम्बर सर्च नहीं करने चाहिए। इसके अलावा किसी के भी कहने पर अपने मोबाइल फोन में एनीडेस्क एप डाउनलोड नहीं करें। क्योंकि साइबर क्राइम से स्वयं की जागरुकता ही बचाव कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि खुद जागरूक बने और आसपास के लोगों को भी जागरूक बनाए। ऐसा करने से ही हम हनुमानगढ़ जिले को साइबर अपराध से मुक्त बना सकेंगे।
जिले में रिफंड व होल्ड राशि
जिले में साइबर सुरक्षा सैल की मदद से अब तक करीब एक करोड़ चार लाख रुपए से अधिक राशि होल्ड कराई जा चुकी है। मतलब यह राशि ठगों तक जाने से बच गई। पीड़ित आवश्यक कागजी प्रक्रिया के बाद यह राशि वापस हासिल कर सकता है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा सैल की मदद से जिले में पीड़ितों को करीब 78 लाख रुपए की राशि रिफंड कराई जा चुकी है।
किसी भी अनजान व्हाट्सएप कॉल को रिसीव नहीं करें 
ऑनलाइन लेन-देन करना है तो पहले संबंधित से बात कर लेवें। इसके अलावा साइबर सुरक्षा को लेकर समय-समय पर जो सलाह दी जाती है, उसका पालन किया जाए। जागरूकता ही साइबर सुरक्षा संभव है। जिले में जागरुकता के प्रसार के चलते पिछले छह माह में साइबर ठगी के प्रकरणों में कमी आई है। 

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