Wed, 07 22, 2026
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टोंक जिले में 18 फीसदी महिलाएं मोबाइल फोन योजना के लाभ से रह गई वंचित:

महिला लाभार्थियों में छाई मायूसी: कई बार लगा चुकी शिविर में चक्कर

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राज्य सरकार ने चुनाव को देखते हुए कई घोषणाएं तो कर दी, लेकिन उनका समय पर क्रियान्वयन नहीं होने से कई लाभार्थियों को उनके लाभ से वंचित होना पड़ गया है। ऐसा ही हश्र इंदिरा गांधी स्मार्ट फोन वितरण योजना का हुआ है। आचार संहिता लगने से जिले में 18 फीसदी महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला है। मुख्यमंत्री इसका कारण निर्वाचन आयोग की ओर से विधान सभा आम चुनाव 2023 की घोषणा के साथ आचार संहिता का लागू होना है।
52 हजार 800 लाभार्थी को ही मिले

जानकारी के अनुसार योजना के अनुसार टोंक जिले में 64 हजार 599 पात्र महिला अभ्यर्थी को पहले चरण में विभिन्न शिविरों के माध्यम से स्मार्ट फोन देना था। इसके लिए फोन वितरण शुरू होने की तारीख से ही शिविरों सुबह से शाम तक लाभार्थियों की भीड़ लगी रहती थी। जहां पर अब फोन वितरण कार्य बंद होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। विभागीय जानकारी के अनुसार टोंक जिले में अबि तक कुल 52 हजार 800 लाभार्थी को योजना में फोन वितरण किया जा चुका है।
वितरण काउंटर हुए बंद
आचार संहिता से पहले जहां टोंक जिले में पिछले 3-4 दिनों से लाइनों में लगकर महिलाएं मोबाइल वितरण सेंटर पर मोबाइल पाने की आस में खड़ी थी, लेकिन उन्हें मोबाइल नहीं मिल पा रहे थे। अब जब चुनाव आयोग द्वारा राजस्थान में मतदान की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। आचार संहिता लागू होने के कारण अब मोबाइल वितरण सेंटर बंद हो चुके है। वितरण से वंचित महिलाओं व स्कूली छात्राओं ने बताया कि उनके मोबाइल पर मैसेज आने के बाद वह मोबाइल लेने के लिए 3-4 दिनों से शिविर के रोजना चक्कर काट रहे थे, मोबाइल फिर भी नहीं मिला

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